न्यू चंडीगढ़ – श्रेयस अय्यर ने टीम को जीत दिलाई, लेकिन खुद नियमों में फंस गए। पंजाब किंग्स के कप्तान पर बीसीसीआई ने ₹12 लाख का जुर्माना लगाया। उन्होंने मैच के दौरान तय समय में ओवर पूरे नहीं किए। इसके साथ ही वह IPL 2026 में दंड पाने वाले पहले कप्तान बन गए।
मंगलवार को पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटंस को तीन विकेट से हराया। टीम ने मुश्किल हालात में मैच जीता। हालांकि, इस जीत के साथ एक चेतावनी भी जुड़ी रही। अधिकारियों ने स्लो ओवर रेट को लेकर तुरंत कार्रवाई की।
आईपीएल प्रबंधन ने साफ कहा कि यह सीजन का पहला उल्लंघन है। इसलिए जुर्माना तय नियमों के तहत लगाया गया। लेकिन अगर टीम दोबारा गलती दोहराती है, तो सजा और सख्त हो सकती है।
मैच की बात करें तो पंजाब ने शुरुआत शानदार की। प्रभसिमरन सिंह और कूपर पैट्रिक ने दूसरे विकेट के लिए 77 रन जोड़े। उस समय टीम पूरी तरह नियंत्रण में दिखी। लेकिन इसके बाद खेल अचानक पलटा।
पंजाब ने 110/2 से 118/6 तक चार विकेट गंवा दिए। टीम दबाव में आ गई। तभी गुजरात के कप्तान शुभमन गिल ने बड़ा दांव खेला। उन्होंने प्रसिद्ध कृष्णा को देर से उतारा। कृष्णा ने आते ही मैच बदल दिया। उन्होंने सिर्फ 10 गेंदों में 3 विकेट लेकर पंजाब को संकट में डाल दिया।
इसके बावजूद पंजाब ने हिम्मत नहीं हारी। कूपर कॉनॉली ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने संयम के साथ पारी को आगे बढ़ाया जेवियर बार्टलेट ने उनका साथ दिया। दोनों ने छोटी-छोटी साझेदारियां बनाईं और टीम को जीत तक पहुंचाया। कॉनॉली ने 72 रन की नाबाद पारी खेली और प्लेयर ऑफ द मैच बने।
इससे पहले गुजरात ने तेज शुरुआत की। गिल और साई सुदर्शन ने रन गति बनाए रखी। लेकिन बाद में पंजाब के गेंदबाजों ने वापसी की। मार्को जानसेन ने पहला झटका दिया। इसके बाद युजवेंद्र चहल ने मध्य ओवरों में रन रोक दिए। उन्होंने गिल और जोस बटलर को आउट कर गुजरात की रफ्तार धीमी की।
आखिरी ओवरों में गुजरात तेजी नहीं पकड़ पाया। टीम ने अंतिम पांच ओवरों में सिर्फ 34 रन बनाए। यही कमी भारी पड़ी और स्कोर 162 तक सीमित रहा।
पृष्ठभूमि में देखें तो स्लो ओवर रेट IPL में पुरानी समस्या रही है। कप्तान अक्सर समय प्रबंधन में चूक करते हैं। अय्यर भी पहले इस गलती के लिए सजा पा चुके हैं। पिछले सीजन में उन पर दो बार जुर्माना लगा था। इसलिए इस बार भी उन पर नजर रहेगी।
फिलहाल, पंजाब किंग्स ने जीत के साथ शुरुआत की है। लेकिन टीम को अनुशासन पर भी ध्यान देना होगा। क्योंकि इस टूर्नामेंट में छोटी गलती भी बड़ा नुकसान दे सकती है।