मुंबई – भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को मजबूत शुरुआत की। निवेशकों ने तेजी से खरीदारी शुरू की। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद ने बाजार का रुख बदल दिया। इसके चलते प्रमुख सूचकांकों में जोरदार बढ़त दिखी और कारोबार की शुरुआत से ही माहौल सकारात्मक रहा।
S&P BSE सेंसेक्स करीब 2,000 अंक उछल गया। वहीं Nifty 50 2.7% से ज्यादा चढ़कर 23,000 के करीब पहुंच गया। इस तेजी में सभी सेक्टर शामिल रहे। बाजार खुलते ही 16 के 16 सेक्टर हरे निशान में दिखे। इससे साफ संकेत मिला कि खरीदारी सिर्फ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही।
इसी के साथ, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जोरदार तेजी आई। मिडकैप इंडेक्स करीब 3% चढ़ा, जबकि स्मॉलकैप इससे भी आगे निकला। बैंकिंग, आईटी और मेटल शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। इन सेक्टरों में मजबूत खरीदारी ने सूचकांकों को ऊपर खींचा।
एशियाई बाजारों ने भी इसी रुख का साथ दिया। क्षेत्रीय बाजारों में 4% से ज्यादा उछाल आया। निवेशकों ने वैश्विक संकेतों पर तेजी से प्रतिक्रिया दी। दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता दिखी। ब्रेंट क्रूड करीब 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहा। इससे महंगाई और आयात लागत को लेकर चिंता कुछ कम हुई।
इस तेजी के पीछे बड़ा कारण भू-राजनीतिक संकेत रहे। डॉनल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका अगले दो से तीन हफ्तों में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई खत्म कर सकता है। उन्होंने यह भी साफ किया कि इसके लिए किसी औपचारिक समझौते की जरूरत नहीं होगी। इस बयान के बाद निवेशकों ने तनाव कम होने की संभावना को मजबूत माना।
जमीनी स्तर पर बाजार में तेज हलचल दिखी। ट्रेडर्स ने खुलते ही बड़े ऑर्डर डाले। ब्रोकरों ने भारी खरीदारी की पुष्टि की। संस्थागत निवेशकों ने भी चुनिंदा शेयरों में दांव बढ़ाया। इसके चलते शुरुआती घंटों में ही बाजार ने मजबूत पकड़ बना ली।
हालांकि, हालिया पृष्ठभूमि बाजार के लिए चुनौतीपूर्ण रही। मार्च में भारतीय बाजारों में भारी गिरावट आई। प्रमुख सूचकांक 11% से ज्यादा टूटे। विदेशी निवेशकों ने रिकॉर्ड 12.7 अरब डॉलर की बिकवाली की। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक अनिश्चितता ने बाजार पर दबाव डाला।
अब ताजा तेजी निवेशकों के बदले मूड को दिखाती है। उन्हें उम्मीद है कि तेल की कीमतें नियंत्रित रहेंगी। इससे महंगाई पर दबाव कम होगा। साथ ही, चालू खाते के घाटे पर भी राहत मिल सकती है। इसलिए, भू-राजनीतिक तनाव में कमी बाजार के लिए सहारा बन सकती है।
फिलहाल, बाजार में सकारात्मक माहौल दिख रहा है। लेकिन विश्लेषक सतर्क रहने की सलाह देते हैं। उनका मानना है कि हालात तेजी से बदल सकते हैं। अगर तनाव फिर बढ़ता है, तो बाजार में गिरावट लौट सकती है। वहीं, अगर स्थिति स्थिर रहती है, तो यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है।