एक सामान्य शाम अचानक भयावह बन जाती है। फिर, एक फोन कॉल पूरे मामले को उजागर कर देता है। नतीजतन, कानपुर का एक परिवार गहरे सदमे में डूब जाता है।
रविवार रात परिवार ने साथ में खाना खाया। इसके बाद सभी अपने-अपने कमरों में चले गए। मां अपने छह साल के बेटे के साथ सो गई। वहीं, 11 साल की जुड़वां बेटियां पिता शशि रंजन मिश्रा के साथ दूसरे कमरे में थीं। शुरुआत में सब सामान्य दिखता है, लेकिन रात में हालात बदल जाते हैं।
करीब 4:30 बजे आरोपी खुद पुलिस हेल्पलाइन 112 पर कॉल करता है। इसके बाद पुलिस तुरंत किदवई नगर स्थित फ्लैट पहुंचती है। वहां, दोनों बच्चियों के शव मिलते हैं। जांच में सामने आता है कि पिता ने ही वारदात को अंजाम दिया।
जांच के दौरान घटनाक्रम की टाइमलाइन सामने आती है। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी रात करीब 2:30 बजे एक बेटी को बाथरूम ले जाता दिखता है। फिर वह लौटकर कमरे की लाइट बंद करता है। इसके बाद कोई गतिविधि नजर नहीं आती। करीब दो घंटे बाद वह पुलिस को कॉल करता है।
इस बीच, मां रेशमा घटना से अनजान रहती हैं। वह बताती हैं कि परिवार ने साथ में खाना खाया था। इसके बाद आरोपी लंबे समय तक फोन पर बात करता रहा। फिर वह सो गईं। सुबह पुलिस के पहुंचने पर उन्हें पूरी घटना का पता चला।
पुलिस अब हत्या के तरीके पर भी फोकस करती है। शुरुआती जांच में पता चलता है कि आरोपी ने बच्चों के खाने में नींद की गोलियां मिलाईं। फिर बेहोश होने के बाद उनका गला दबाया और धारदार हथियार से वार किया। यह तथ्य योजना की ओर इशारा करता है।
मकसद अब भी साफ नहीं है। हालांकि, पुलिस मानसिक स्थिति को अहम मानती है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी अपनी मां की मौत के बाद से तनाव में था। वह शराब और दवाओं पर निर्भर रहने लगा था। उसने पहले आत्महत्या की बात भी कही थी।
इसके अलावा, परिवार में तनाव बढ़ चुका था। रेशमा बताती हैं कि आरोपी अक्सर शक करता था। उसने घर में कई सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। वह बेटियों को अपने पास रखता था और पत्नी को अलग रहने को कहता था। इससे रिश्तों में दूरी बढ़ती गई।
जमीनी स्तर पर इलाके में गुस्सा और शोक दोनों दिखते हैं। पड़ोसी घटना से स्तब्ध हैं। लोग कड़ी सजा की मांग करते हैं। रेशमा भी अपने पति के लिए सख्त सजा चाहती हैं।
फिलहाल, पुलिस हर एंगल से जांच आगे बढ़ाती है। अधिकारी मानसिक स्वास्थ्य और पृष्ठभूमि की जांच करते हैं। साथ ही, फॉरेंसिक और डिजिटल सबूत भी खंगाले जाते हैं। यह मामला अब कई गंभीर सवाल खड़े करता है।