ऊर्जा सुरक्षा की ओर बड़ा कदम: भारत ने OALP-XI लॉन्च कर 21 ब्लॉक्स खोले

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नई दिल्ली – भारत ने ऊर्जा क्षेत्र में नई पहल की। सरकार ने ऑयल और गैस खोज के लिए OALP-XI राउंड लॉन्च किया। इस राउंड में 21 ब्लॉक्स ऑफर किए गए। ये ब्लॉक्स करीब 80,228 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले हैं। इस कदम से सरकार घरेलू उत्पादन बढ़ाना चाहती है और आयात पर निर्भरता घटाना चाहती है।

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस पहल को अहम बताया। उन्होंने कहा कि यह भारत की ऊर्जा यात्रा में नया अध्याय जोड़ता है। साथ ही उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया।

सरकार ने लगातार नए क्षेत्र खोले हैं। पहले OALP-10 में 25 ब्लॉक्स ऑफर किए गए थे। अब OALP-XI ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। दोनों राउंड को जोड़ें तो कुल क्षेत्र 2.6 लाख वर्ग किलोमीटर से ज्यादा हो गया।

इस बार खास बात यह रही कि ब्लॉक्स ऑनशोर और ऑफशोर दोनों क्षेत्रों में फैले हैं। इससे कंपनियों को ज्यादा विकल्प मिलेंगे। साथ ही नई खोज की संभावना भी बढ़ेगी।

इसके अलावा सरकार जमीन और समुद्र के नीचे छिपे संसाधनों को बाहर लाना चाहती है। इसलिए वह लगातार नीतियों को आसान बना रही है। वह निवेश को आकर्षित करना चाहती है।

सरकार ने बिडिंग की तारीखें भी तय कर दी हैं। कंपनियां 30 मार्च 2026 से आवेदन कर सकेंगी। यह प्रक्रिया 29 मई 2026 तक चलेगी। इससे निवेशकों को स्पष्ट समयसीमा मिलेगी।

साथ ही सरकार तेज फैसलों पर जोर दे रही है। वह चाहती है कि खोज गतिविधियां जल्दी शुरू हों। इसलिए प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है।

भारत ने ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी को पुराने सिस्टम की जगह लागू किया। पहले कंपनियों को सरकार के बुलावे का इंतजार करना पड़ता था। अब कंपनियां अपनी पसंद के ब्लॉक्स चुन सकती हैं।

यह नीति HELP यानी हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन एंड लाइसेंसिंग पॉलिसी का हिस्सा है। दोनों मिलकर ऊर्जा क्षेत्र में सुधार लाते हैं। ये निवेश बढ़ाने और खोज को तेज करने पर फोकस करते हैं।

फिर भी भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। इसलिए घरेलू उत्पादन बढ़ाना जरूरी बनता है। यही वजह है कि सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। जमीन पर इस फैसले का असर दिख सकता है। नए प्रोजेक्ट से रोजगार बढ़ेगा। इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा। खासकर दूरदराज इलाकों में आर्थिक गतिविधि तेज होगी।

हालांकि चुनौतियां भी मौजूद हैं। तेल और गैस की खोज महंगी होती है। इसमें समय भी लगता है। कंपनियों को जोखिम उठाना पड़ता है। फिर भी सरकार अपनी रणनीति पर आगे बढ़ रही है। वह निवेश के लिए स्थिर माहौल बनाना चाहती है। वह आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को हासिल करना चाहती है।

OALP-XI के जरिए भारत ने साफ संकेत दिया है। वह ज्यादा खोज करेगा, ज्यादा उत्पादन करेगा और आयात पर निर्भरता कम करेगा। अब निगाह बिडिंग प्रक्रिया पर रहेगी। इससे पता चलेगा कि उद्योग इस मौके को कैसे देखता है।


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