सोना तीसरे दिन गिरा, ईरान डेडलाइन से बढ़ी महंगाई की चिंता

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नई दिल्ली – सोने की कीमतों में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज होती है। बाजार में हलचल तेज होती है। निवेशक वैश्विक तनाव और ब्याज दरों के संकेतों पर नजर रखते हैं। Donald Trump की ईरान को दी गई समयसीमा बाजार का मूड बदल देती है।

एशियाई कारोबार में स्पॉट गोल्ड करीब 0.5% गिरकर $4,628 प्रति औंस के आसपास पहुंचता है। वहीं, अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स लगभग 0.7% नीचे आते हैं। इससे पहले भी कीमतों में कमजोरी दिखती है, लेकिन इस बार दबाव कई कारणों से बढ़ता है।

सबसे पहले, मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता है। ट्रंप ईरान को कड़ी चेतावनी देते हैं। इसके बाद तेल की कीमतों में तेजी आती है। जैसे ही तेल महंगा होता है, महंगाई की चिंता बढ़ जाती है।

निवेशक तुरंत अपना रुख बदलते हैं। वे मानते हैं कि महंगाई बढ़ने पर ब्याज दरें ऊंची रह सकती हैं। यही सोच सोने पर दबाव बनाती है।

आमतौर पर तनाव के समय सोना मजबूत होता है। लेकिन इस बार तस्वीर अलग दिखती है। बढ़ती महंगाई दर कटौती की उम्मीद घटाती है। इससे U.S. फेडरल रिजर्व पर दबाव बनता है कि वह दरें ऊंची रखे। जैसे ही ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, निवेशक बेहतर रिटर्न वाले विकल्प चुनते हैं। साथ ही, डॉलर मजबूत होता है। इन दोनों वजहों से सोने की मांग घटती है।

दूसरी ओर, कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं होते। ईरान अमेरिकी प्रस्ताव को खारिज करता है। वह स्थायी समझौते की मांग करता है, जिसमें प्रतिबंधों में राहत शामिल हो। इस टकराव से अनिश्चितता और बढ़ती है। निवेशक अब ट्रंप की डेडलाइन पर नजर रखते हैं। किसी भी नए घटनाक्रम से बाजार में तेज उतार-चढ़ाव आ सकता है।

स्थानीय बाजारों में भी इसका असर दिखता है। ज्वैलर्स खरीद सीमित करते हैं। ग्राहक ऊंची कीमत और अनिश्चितता के कारण इंतजार करते हैं। शादी सीजन के बावजूद मांग कमजोर रहती है।

सोने के साथ-साथ अन्य कीमती धातुएं भी दबाव में आती हैं। चांदी करीब 1.2% गिरती है। वहीं, प्लेटिनम में भी 1% से ज्यादा की कमी दर्ज होती है।

अब बाजार की नजर अमेरिकी महंगाई आंकड़ों पर टिकती है। ये आंकड़े आगे की ब्याज दर नीति तय करेंगे। फिलहाल, सोना दबाव में बना रहता है और निवेशक सतर्क रुख अपनाते हैं।


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