नई दिल्ली – सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर से फिसलीं। फिर, ग्लोबल संकेतों ने निवेशकों का रुख बदल दिया। अब सवाल उठता है—क्या यह गिरावट खरीदारी का मौका देती है?
फिलहाल, भारत में सोना करीब ₹1,49,650 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता है। यह स्तर अपने उच्चतम ₹1,80,000 से करीब 17% नीचे है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत $4,679 प्रति औंस के आसपास बनी रहती है।
ग्लोबल संकेतों का असर
एक तरफ, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जारी रहता है। इससे कच्चे तेल की कीमतें ऊपर जाती हैं। तेल महंगा होता है तो महंगाई का डर बढ़ता है।
दूसरी तरफ, मजबूत अमेरिकी डेटा तस्वीर बदल देता है। बेहतर जॉब्स डेटा दिखाता है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहती है। इससे ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद घटती है।
नतीजतन, डॉलर मजबूत होता है। वहीं, सोने की तेजी सीमित रह जाती है।
जमीनी हकीकत क्या कहती है
जमीन पर खरीदार सतर्क दिखते हैं। ज्वेलर्स के अनुसार, ग्राहक छोटे-छोटे हिस्सों में खरीदारी करते हैं। बड़े निवेश से लोग बचते हैं।
शादी का सीजन मांग को सहारा देता है। फिर भी, कीमतों में उतार-चढ़ाव लोगों को सोचने पर मजबूर करता है। ग्रामीण इलाकों में मांग अभी भी कमजोर रहती है।
निवेश ट्रेंड में बदलाव
इसी बीच, निवेशकों का रुख बदलता है। गोल्ड ETF से पैसा निकलता है। निवेशक फिलहाल डॉलर और अन्य एसेट्स को प्राथमिकता देते हैं।
मार्केट “वेट एंड वॉच” मोड में रहता है। ट्रेडर्स बड़े दांव लगाने से बचते हैं। वे हर खबर पर तेजी से प्रतिक्रिया देते हैं।
तकनीकी स्तर अहम
तकनीकी तौर पर, सोना सीमित दायरे में चलता है। ₹1,57,600 से ₹1,58,800 के बीच मजबूत रेजिस्टेंस दिखता है।
अगर कीमत इस स्तर को पार करती है, तो तेजी आ सकती है। वहीं, ₹1,44,000 के नीचे गिरावट तेज हो सकती है।
इसलिए, बाजार फिलहाल स्पष्ट दिशा नहीं दिखाता।
बड़ा ट्रेंड क्या कहता है
पारंपरिक रूप से, सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है। लेकिन अभी तस्वीर बदलती दिखती है। निवेशक अनिश्चितता में डॉलर को ज्यादा सुरक्षित मानते हैं। तेल की ऊंची कीमतें और ब्याज दरों में देरी इस बदलाव को मजबूत करती हैं।
लंबी अवधि के निवेशक धीरे-धीरे खरीदारी पर विचार कर सकते हैं। गिरावट बेहतर एंट्री देती है।
हालांकि, शॉर्ट टर्म निवेशक सावधानी रखें। बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहता है।
अंत में, सोना अभी दो ताकतों के बीच फंसा दिखता है—ग्लोबल तनाव और मजबूत अर्थव्यवस्था। ऐसे में सही फैसला समय और रणनीति पर निर्भर करता है।