दिल्ली में बम धमकी से हड़कंप: विधानसभा और मेट्रो स्टेशन पर बढ़ी सुरक्षा
khabarworld 24/03/2026 0
नई दिल्ली – राजधानी में एक बार फिर सुरक्षा को लेकर बड़ा अलर्ट सामने आया। मंगलवार को दिल्ली विधानसभा के स्पीकर Vijender Gupta को एक धमकी भरा ईमेल मिला। इस संदेश में विधानसभा परिसर और पास स्थित विधानसभा मेट्रो स्टेशन को उड़ाने की चेतावनी दी गई। इसके तुरंत बाद प्रशासन हरकत में आया और सुरक्षा एजेंसियों ने तेजी से मोर्चा संभाला।
सबसे पहले, पुलिस और सुरक्षा टीमों ने विधानसभा परिसर को घेरा। उन्होंने हर एंट्री पॉइंट पर कड़ी जांच शुरू की। इसके साथ ही, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने भी सर्च ऑपरेशन में हिस्सा लिया। अधिकारियों ने भवन के अंदर और बाहर हर कोने की बारीकी से जांच की। हालांकि, शुरुआती जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। फिर भी, सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता में कोई ढील नहीं दी।
इसके बाद, पुलिस ने आसपास के इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी। मेट्रो स्टेशन पर भी सुरक्षा जांच कड़ी कर दी गई। यात्रियों की आवाजाही जारी रही, लेकिन हर व्यक्ति की जांच सावधानी से हुई। इस दौरान आम लोगों ने भी सुरक्षा की बढ़ी हुई मौजूदगी को महसूस किया।
वहीं, इस ईमेल ने उच्च स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी। रिपोर्ट्स के अनुसार, धमकी भरे संदेश में कई बड़े नेताओं का जिक्र सामने आया। इनमें उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू , प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के नाम शामिल बताए गए। हालांकि, अधिकारियों ने इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है। इसलिए जांच एजेंसियां इस पहलू की भी जांच कर रही हैं।
दूसरी ओर, यह घटना कोई पहली बार नहीं है। पिछले कुछ महीनों में दिल्ली में इस तरह की धमकी भरे ईमेल की संख्या बढ़ी है। खासतौर पर स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों को बार-बार निशाना बनाया गया है। हर बार सुरक्षा एजेंसियां तुरंत कार्रवाई करती हैं और जगह को सुरक्षित घोषित करती हैं, लेकिन इन घटनाओं से लोगों में डर जरूर बढ़ता है।
इसी कड़ी में, इसी महीने की शुरुआत में कई संस्थानों को धमकी मिली थी। उस समय कम से कम तीन बैंकों को ऐसे ईमेल मिले। इनमें एक्सिस बैंक की कनॉट प्लेस शाखा और SBI की एआईआईएमएस और शाहदरा शाखाएं शामिल रहीं। इसके तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इन जगहों की जांच की। हालांकि, वहां भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
इसके अलावा, छह स्कूलों को भी इसी तरह की धमकियां मिली थीं। इनमें आर्मी पब्लिक स्कूल दिल्ली कैंट, सलवान पब्लिक स्कूल , सरदार पटेल विद्यालय, मीरा मॉडल स्कूल, जनकपुरी,, रामजस पब्लिक स्कूल और रामजस स्कूल राजेंद्र नगर शामिल रहे। प्रशासन ने तुरंत स्कूल खाली करवाए और बच्चों को सुरक्षित घर भेजा। बाद में जांच टीमों ने सभी परिसरों को क्लियर घोषित किया।
नतीजतन, लगातार मिल रही ऐसी धमकियों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं। इसी कारण, स्कूल और संस्थान अब अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर रहे हैं। कई जगहों पर मॉक ड्रिल और अतिरिक्त निगरानी भी शुरू हुई है।
इसके साथ ही, सुरक्षा एजेंसियां अब तकनीकी जांच पर भी जोर दे रही हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे ईमेल अक्सर फर्जी होते हैं, लेकिन इनके पीछे के स्रोत को पकड़ना जरूरी है। इसलिए साइबर टीम्स ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं। उनका लक्ष्य ऐसे मामलों को जल्द से जल्द ट्रेस करना और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है।
अंत में, मंगलवार की यह घटना एक बार फिर दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था की परीक्षा बन गई। प्रशासन ने तेजी से प्रतिक्रिया दी और हालात को नियंत्रित रखा। फिलहाल कोई खतरा सामने नहीं आया, लेकिन सतर्कता जारी है। यह मामला साफ संकेत देता है कि झूठी धमकियां भी बड़ा असर डालती हैं। इसलिए लगातार निगरानी, तेज जांच और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था अब समय की जरूरत बन गई है।
