भारत बनाएगा तीन और सड़कें चीन के सीमावर्ती ऊंचाई वाले क्षेत्रों में

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आईटीबीपी​ की चौकियों को जोड़ने वाली सड़कों को ​’​इंडो चीन बॉर्डर​’​ नाम दिया गया  लेह की परियोजनाओं के लिए सीपीडब्ल्यूडी ने कुल 212.99 करोड़ की ​निविदाएं मांगीं 



नई दिल्ली, 22 मार्च (हि.स.)​​।​ ​​लद्दाख में ​​भारत-चीन सीमा पर अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में भारत तीन और सड़कें बनाएगा​। ​इसके लिए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने कुल 212.99 करोड़ की ​निविदाएं मंगाई हैं​​।​ इन तीनों सड़कों को ​​भारत-तिब्बत सीमा पुलिस ​(आईटीबीपी)​ की चौकियों से जोड़ने वाले ​सड़क मार्ग के रूप में ​’​इंडो चीन बॉर्डर​’​ के नाम से जाना जाएगा​​​​।​ ​​​
​​भारत-चीन सीमा पर​  सीपीडब्ल्यूडी ​की यह परियोजनाएं केंद्र शासित प्रदेश लेह में स्थित ​​शिलुंग ला, ​​न्याकमील और हेना ​के लिए हैं​। यहां स्थित भारत-तिब्बत सीमा पुलिस ​(आईटीबीपी) ​की चौकियों से ​​जाने वाली सड़कों को ‘इंडो चीन बॉर्डर​’​ नाम दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास ​​तीनों ​सड़कें एकल लेन ​की होंगी।​ ​सीपीडब्ल्यूडी ने ​तीनों सड़कों के लिए अलग-अलग निविदाएं जारी की गईं हैं, जिसमें एक ​19 मार्च को​,​ ​दूसरी ​12​ मार्च को और ​तीसरी ​दो मार्च को जारी की ​हैं​। ​इन निविदाओं के लिए क्रमशः 8 अप्रैल और 15 अप्रैल को बोलियां खोलने की तिथि निर्धारित की। ​​शिलुंग ला​ बेस तक 10.22 किलोमीटर की सिंगल-लेन सड़क परियोजना 42 महीने​ में पूरी होगी और इसकी ​लागत 93.80 करोड़ ​आंकी गई है।​ ​
 
​इसी तरह ​ 9.29 किलोमीटर​ लम्बी ​न्याकमील सड़क परियोजना की अनुमानित लागत 55.37 करोड़ ​आंकी गई है और​ इस सड़क निर्माण ​के लिए ​30 महीने का समय​ निर्धारित किया गया है​।​ ​​आईटीबीपी ​पोस्ट के लिए 7.64 किमी​. लम्बी हेना परियोजना ​में ​​63.82 करोड़​ ​की लागत ​आएगी और​​ ​इसके ​निर्माण के लिए ​भी ​30 महीने ​की सीमा तय की गई है।​ गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट के अनुसार​ 15 मार्च को केंद्र ने पैनल को लद्दाख में सीमा के साथ ​इस सड़क ​परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी थी।​ भारत-चीन सीमा पर 57 सड़कों का निर्माण किया जा रहा है​​।​​​ साथ ही अरुणाचल प्रदेश में 47 ​चौकियां​, 32 हेलीपैड और 18 फुट ट्रैक बनाए जा रहे हैं​​।
 

 


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