थाईलैंड–कंबोडिया सीमा पर बढ़ी लड़ाई; कूटनीति की गुंजाइश खत्म, दोनों सेनाओं में भारी तनाव

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थाईलैंड और कंबोडिया की सीमा पर संघर्ष लगातार तेज हो रहा है। दोनों ओर से गोलाबारी जारी है और हर दिन नए नागरिक और सैनिक मारे जा रहे हैं। हालात लगातार खराब हो रहे हैं और दोनों सरकारें अब पीछे हटने को तैयार नहीं दिखतीं। इसी माहौल में थाईलैंड के विदेश मंत्री सिहासाक फुआंगकेतकेओ ने साफ कहा कि वर्तमान टकराव में कूटनीति की कोई जगह नहीं बची है।

उन्होंने अल जज़ीरा से बातचीत में कहा कि कूटनीति तभी काम करती है जब हालात उसमें जगह दें। उन्होंने कहा कि अभी ऐसा कोई माहौल नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कंबोडिया बातचीत के लिए तैयार होने का दावा तो करता है, लेकिन उसका व्यवहार बिल्कुल उलटा है। इसलिए थाईलैंड बातचीत शुरू करने से पहले कंबोडिया से वास्तविक प्रतिबद्धता देखना चाहता है।

उन्होंने कहा कि कंबोडिया पहले जमीन पर आक्रामक कार्रवाई रोक दे। तभी शांति वार्ता पर आगे बढ़ने की संभावना बन सकती है। दोनों देशों की सेनाएँ लगातार झड़पों में नुकसान उठा रही हैं, लेकिन कोई भी पक्ष रुकने के संकेत नहीं दे रहा है।

इसी बीच, थाईलैंड की सैन्य क्षमता चर्चा में है। 2024 में थाईलैंड ने 5.73 अरब डॉलर का रक्षा बजट रखा। उसके पास 3.6 लाख से अधिक सक्रिय सैन्यकर्मी हैं। थाई सेना में 2.45 लाख सैनिक हैं, जिनमें 1.15 लाख भर्ती होकर आए हैं। सेना के पास करीब 400 बैटल टैंक, 1,200 से ज्यादा बख्तरबंद गाड़ियाँ और लगभग 2,600 तोपखाने के हथियार हैं।

थाई वायुसेना भी मजबूत है। उसके पास 46,000 कर्मी और 112 युद्धक विमान हैं, जिनमें 28 F-16 और 11 ग्रिपेन जेट शामिल हैं। इसके अलावा उसके पास कई हेलिकॉप्टर और UAV हैं। थाई नौसेना में 70,000 से ज्यादा अधिकारी और सैनिक तैनात हैं। नौसेना के पास एक एयरक्राफ्ट कैरियर, सात फ्रिगेट और 68 तटीय युद्ध पोत हैं। उसके पास कई बड़े उभयचर जहाज भी हैं, जो सैकड़ों सैनिक ले जा सकते हैं।

अब कंबोडिया की सैन्य ताकत देखें तो उसका रक्षा बजट 2024 में 1.3 अरब डॉलर रहा। उसके पास 1.24 लाख सक्रिय सैनिक हैं। सेना के पास 200 से अधिक बैटल टैंक और करीब 480 तोपखाने के हथियार हैं। कंबोडिया की वायुसेना में 1,500 कर्मी हैं, लेकिन उसका विमान बेड़ा छोटा है। उसके पास 10 परिवहन विमान और 10 परिवहन हेलिकॉप्टर हैं। उसके पास कोई लड़ाकू विमान नहीं है, लेकिन 16 मल्टी-रोल हेलिकॉप्टर मौजूद हैं, जिनमें सोवियत काल के Mi-17 और चीन के Z-9 शामिल हैं।

कंबोडिया की नौसेना भी छोटी है। उसके पास 2,800 कर्मी और 13 तटीय युद्ध पोत हैं। उसके पास एक उभयचर लैंडिंग क्राफ्ट भी है, जो सीमित संख्या में सैनिकों को ले जा सकता है।

सीमा तनाव के बीच दोनों देशों की सेनाएँ अब लगातार आमने-सामने हैं। हर दिन नई झड़पें हो रही हैं। और इन हालात में शांति की उम्मीद फिलहाल बेहद दूर दिखती है।


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