18 अक्टूबर इतिहास के पन्नों में

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आतंक का अंतः 18 अक्टूबर 2004 को उस बर्बरता, आतंक और खौफ का आखिरकार अंत हो गया, जिसकी तीन राज्यों कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के बड़े हिस्से में लगभग समानांतर सरकार थी। दक्षिण भारत का कुख्यात चंदन तस्कर कूज मुनिस्वामी वीरप्पन इसी तारीख को, उसे पकड़ने के लिए बनायी गयी टास्क फोर्स के जवानों की गोलियों का निशाना बना। किशोरावस्था में ही चंदन की तस्करी और हाथियों का शिकार करने वाले कुख्यात वीरप्पन की दहशत की दास्तां को इन आंकड़ों से समझा जा सकता है- उसने 184 लोगों की जान ली, जिसमें से 97 पुलिसकर्मी थे। उसके सिर पर 5 करोड़ का इनाम था। उसने फिरौती के लिए कन्नड़ फिल्मों के मशहूर अभिनेता राजकुमार का अपहरण कर लिया था। उसने 10 हजार टन चंदन की लकड़ी बेच दी, जिससे उसने लगभग दो अरब रुपये कमाए। उसे खत्म करने के लिए बनाई गयी टास्क फोर्स पर लगभग 100 करोड़ खर्च कर दिये गए।

अन्य अहम घटनाएंः

1386ः जर्मनी में हैडलबर्ग विवि की स्थापना।

1925ः उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी का जन्म।

1925ः भारतीय रंगमंच के मशहूर निर्देशक इब्राहिम अल्काजी का जन्म।

1950ः मशहूर फिल्म अभिनेता ओमपुरी का जन्म।

1976ः प्रसिद्ध तेलुगू साहित्यकार विश्वनाथ सत्यनारायण का निधन।


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