भाजपा सांसद आरके सिन्हा ने उठाया दिल्ली विश्वविद्यालय में कटऑफ का मुद्दा

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नई दिल्ली, 04 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली विश्वविद्यालय में नामांकन के लिए हाई कटऑफ का मामला राज्यसभा में उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता आरके सिन्हा ने मांग की है कि विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले सभी कालेजों को दो शिफ्ट में चलाया जाना चाहिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा संख्या में बच्चों को दाखिला मिले और वह पढ़ाई कर सकें।

राज्यसभा में गुरुवार को प्रश्नकाल की कार्यवाही के दौरान आरके सिन्हा ने इस मामले को उठाते हुए कहा कि वह जो विषय उठा रहे हैं, वह लोक महत्व से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि दिल्ली ही नहीं पूरे देश के विद्यार्थी और अभिभावकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।

सिन्हा ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय ने जो कटऑफ निकाला है वो 99 और 98 फीसदी रखा गया है। क्या ये कटऑफ उचित होगा, इसको लेकर कोई सवाल नहीं उठा रहा, लेकिन 99 फीसदी कटऑफ का तात्पर्य होता है 99 फीसदी विद्यार्थियों और अभिभावकों को निराश करना, उन्हें दुखी कर डिप्रेशन में भेजना। उन्होंने कहा, यह बात अलग है कि एक वक्त बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय और मद्रास विश्वविद्यालय इन सभी का ज्यादा नाम था। किंतु आज दिल्ली विश्वविद्यालय का ज्यादा नाम है, तो क्या दिल्ली विश्वविद्यालय की क्षमता बढ़ाने के लिए हम कुछ कर सकते हैं?

उन्होंने सुझाव दिया कि दिल्ली में जगह की कमी है, शायद नया इंफ्रास्ट्राक्चर बनाने में परेशानी होगी, लेकिन सरकार तो यह कर ही सकती है कि दिल्ली के सभी कॉलेजों में शाम की क्लासेस शुरू कर दी जाए। इससे छात्रों की संख्या बढ़ेगी, शिक्षकों की संख्या बढ़ेगी और बहुत राहत मिलेगी।

राज्यसभा सदस्य ने आगे कहा कि देश में विभिन्न केंद्रीय विश्वविद्यालयों की कल्पना है और उसे बढ़ाने का सरकार काम कर रही है, किंतु उसमें कुछ समय लगेगा। बेहतर होगा कि तत्कालिक रूप से दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी कॉलेंजों में सुबह-शाम की शिफ्ट में कक्षाएं चलाईं जाएं।

सिन्हा की मांग का सभापति वैंकेया नायडू ने समर्थन करते हुए कहा कि यह सच है कि अभी 99 और 98 फीसदी कटऑफ एक स्टैंडर्ड हो गया है।


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