गुजरात माडल’ को ‘भारत माडल’ बनाने के लिए अमित शाह को गांधीनगर से बनाया गया लोस प्रत्याशी

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नई दिल्ली, 22 मार्च (हि.स.)। गुजरात के गांधी नगर संसदीय क्षेत्र से लालकृष्ण आडवाणी को इस बार प्रत्याशी नहीं बनाकर भाजपा अध्यक्ष व राज्य सभा सांसद अमित शाह को टिकट दिये जाने को लेकर सबसे अधिक चर्चा है। गुजरात में कहा जा रहा है कि ‘गुजरात माडल’ को गुजरात में बचाये रखते हुए देश भर में लागू करके ‘भारत माडल’ बनाने के उद्देश्य से अमित शाह को गांधी नगर संसदीय सीट से प्रत्याशी बनाया गया है।
1989 से यह संसदीय क्षेत्र लगातार भाजपा के कब्जे में है। इस लोक सभा सीट को सबसे पहले शंकर सिंह वाघेला ने 1989 में जीतकर भाजपा की झोली में डाला था। वाघेला ने 4,95,383 वोट पाकर कांग्रेस प्रत्याशी कोकिला व्यास को 2,68,492 मतों से हराया था। उनके बाद 1991 में यहां से लालकृष्ण आडवाणी प्रत्याशी बने और 3,56,902 वोट पाकर कांग्रेस के प्रत्याशी जीआई पटेल को 1,25,679 मतों से हराया था। 1996 में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी अटल बिहारी वाजपेयी यहां से चुनाव लड़े। उन्होंने 3,23,583 वोट पाकर कांग्रेस के पोपट लाल पटेल को 1,88,872 मतों से हराया। 1996 में वह गांधी नगर और लखनऊ संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़े व जीते थे। लखनऊ से वह 1991 में भी जीते थे। इसलिए इस सीट को छोड़कर लखनऊ संसदीय सीट से ही सांसद बने रहे, जिसके कारण 1996 में यहां उप चुनाव हुआ। उस समय भाजपा प्रत्याशी विजय हरिश चन्द्र पटेल ने कांग्रेस के राजेश खन्ना को 61,164 वोट से हराया। विजय हरिश पटेल को 2,58,589 वोट मिले थे।
1998 के लोकसभा चुनाव में इस संसदीय सीट से फिर से भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी चुनाव लड़े। उन्होंने 5,41,340 वोट पाकर कांग्रेस के पीके दत्ता को 2,76,501 मतों से हराया। एक साल बाद 1999 में हुए लोकसभा चुनाव में यहां से लालकृष्ण आडवाणी को 4,53,299 वोट मिले थे । उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी टीएन शेषन को 1,89,014 वोट से हराया था। 2004 के लोकसभा चुनाव में लालकृष्ण आडवाणी को गांधी नगर संसदीय सीट से 5,16,120 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी गाभाजी मंगाजी ठाकोर ( जो पहले जनसंघ व भाजपा में थे, जब किनारे लगा दिया गया तो कांग्रेस में आ गये) को 2,17,138 वोट से हराया था। आडवाणी ने 2009 के लोकसभा चुनाव में 4,34,004 वोट पाकर कांग्रेस के सुरेश कुमार पटेल को 1,21,747 वोट से हराया। 2014 के लोकसभा चुनाव में 7,73,539 वोट पाकर कांग्रेस के किरिट भाई ईश्वर भाई पटेल को 4,83,121 मतों से हराया। इस तरह गांधी नगर सीट भाजपा की वीआईपी और आसानी से जीती जाने वाली सीट हो गई है।
इस बारे में गुजरात के वरिष्ठ पत्रकार डा. हरि देसाई का कहना है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में गांधी नगर संसदीय सीट से भाजपा के वरिष्ठतम नेता लालकृष्ण आडवाणी का टिकट काटकर भाजपा अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद अमित शाह को प्रत्याशी बनाये जाने के कई कारण हैं। मसलन गुजरात की राजधानी गांधी नगर है। गांधी नगर लोकसभा संसदीय क्षेत्र भी है । इस संसदीय क्षेत्र पर 1989 से भाजपा का कब्जा है। इस सीट से हमेशा भाजपा का शीर्ष नेतृत्व चुनाव लड़ा है। यह संसदीय सीट भाजपा की सबसे सुरक्षित सीटों में से है। इस पर गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री व म.प्र. की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल अपनी बेटी अनार पटेल को चुनाव लड़ाना चाहती थीं। वह चाहती थीं कि अनार को गांधी नगर से टिकट दिया जाये। इसके लिए सत्ता शीर्ष पर दबाव बनाई थीं। उनसे अमित शाह की पटती नहीं है। इसलिए यहां से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को टिकट दिया गया।
डा. हरि देसाई के अनुसार मोदी – शाह के ‘गुजरात माडल’ को गुजरात में बचाये रखते हुए, इसे ‘भारत माडल’ बनाने के लिए अबकी बार अमित शाह को गांधी नगर से लोकसभा चुनाव लड़ाया जा रहा है। इसके तहत अमित शाह को 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद केन्द्रीय गृह मंत्री बनाया जा सकता है। केन्द्र की सरकार में अभी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बाद दूसरे नम्बर पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह हैं। अमित शाह लोकसभा सांसद बनकर जब गृहमंत्री बन जायेंगे तो लोकसभा में प्रधानमंत्री के साथ बैठेंगे और सरकार में उनके बाद दूसरे नम्बर की हैसियत वाले होंगे। यह होते ही गुजरात की तरह केन्द्र (सरकार) में भी दोनों जुगल जोड़ी उसी तरह से हर काम करने लगेगी जिस तरह से गुजरात में 2014 तक की।
2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने गुजरात की सभी 26 लोकसभा सीटें जीती थी। 2019 के लोक सभा चुनाव में स्थिति 2014 वाली नहीं है । लगभग 7 सीटें हारने की आशंका है। गांधी नगर संसदीय क्षेत्र से अमित शाह के चुनाव लड़ने से राज्य के भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा। उनको लग रहा है कि नरेन्द्र मोदी के बाद गुजरात के अमित शाह देश के प्रधानमंत्री होंगे । वह राज्य सभा सांसद होने के बावजूद गुजरात से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। इसलिए गुजरात से अधिक से अधिक सीटें भाजपा की झोली में जानी चाहिए। इस तरह का माहौल बनाकर भाजपा हार की संभावना वाली सीटों में से कुछ सीटें बचा ले जायेगी।
भाजपा के राज्य सभा सांसद लालसिंह बड़ोदिया का कहना है कि 2014 की तरह 2019 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा गुजरात की 26 में से 26 लोकसभा सीट जीते, इसके लिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह गांधी नगर संसदीय सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। इस संसदीय क्षेत्र से भाजपा के सबसे बड़े नेताओं में से एक लालकृष्ण आडवाणी चुनाव लड़ते रहे हैं। उनकी जगह किसी सामान्य या नये नेता को चुनाव लड़ाया जाता तो जनता नाराज हो सकती थी। इसलिए यहां से अमित शाह को प्रत्याशी बनाया गया है।


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