रक्षा मंत्री सीतारमण ने भारतीय उद्यमियों से नए उद्योग शुरू करने का आह्वान किया

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बेंगलुरु, 20 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने निवेशकों को भारत में एयरो स्पेस और अन्य क्षेत्रों में निवेश करने के लिए बुधवार को आमंत्रित किया। उन्होंने घरेलू उद्यमियों से व्यक्तिगत विकास के लिए नए उद्योगों को शुरू करने का आह्वान किया जो सकल घरेलू उत्पाद की बढ़ोत्तरी के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने यहां यलहंका एयरफोर्स बेस में एयरो शो 2019 के 12वें संस्करण के उद्घाटन के बाद पिछले साढ़े चार साल के दौरान रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों पर विस्तार से बात रखी। केंद्रीय मंत्री ने एयरो शो को एशिया का सबसे बड़ा शो बताया जो अब सिलिकॉन सिटी के कैलेंडर में जुड़ गया है, जिसने देश के खजाने में भारी योगदान देकर एक उच्च स्थान बना लिया है।
उन्होंने घोषणा की कि 600 भारतीय और 200 विदेशी कंपनियां द्विवार्षिक एयरो शो कार्यक्रम में भाग ले रही हैं। इस वर्ष का मुख्य आकर्षण नागरिक उड्डयन विभाग को शामिल करना है क्योंकि यह भूमिका क्षेत्र के समग्र विकास में समान रूप से महत्वपूर्ण है। रक्षा मंत्री ने कृषि और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के साथ रक्षा विनिर्माण क्षेत्र से पर्याप्त योगदान की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने रक्षा क्षेत्रों में विनिर्माण की बात करते समय बेंगलुरु और कर्नाटक राज्य की महत्वपूर्ण स्थिति को याद किया।
उन्होंने देश के इस हिस्से (बेंगलुरु और कर्नाटक) से उद्योग के लिए विश्व स्तरीय उत्पादों, डिजाइन और नवाचार के योगदान को याद किया। निर्मला सीतारमण ने स्टार्ट अप कंपनियों की तारीफों के पल बांधे जिन्होंने सतत विकास को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभाई। उन्होंने खुलासा किया कि 150 भारतीय स्टार्ट अप कंपनियों के साथ 1,27,500 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर ‘मेक इन इंडिया’ की पहल, पूंजीगत खरीद के लिए 2,79,950 करोड़ रुपये के 164 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।
रक्षा मंत्री ने नीतिगत दिशा-निर्देशों को बदलने और नए शासन के तहत फ्रेम वर्क पर जोर दिया क्योंकि भारतीय विक्रेताओं ने खरीद सुनिश्चित करने में प्रमुख फोकस जारी रखा है। एफडीआई अब रक्षा क्षेत्र में संभव है और सभी घरेलू व्यापारियों के लिए यह अच्छा समय है। नीति परिवर्तन के कारण निजी कंपनियों का योगदान अब सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के साथ एक स्वस्थ मिश्रण की ओर अग्रसर है।


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