23 नवंबर इतिहास के पन्नों में

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जिन्होंने साबित किया, पौधों में भी जान होती हैः डॉ. (सर) जगदीश चंद्र बसु का 23 नवंबर 1937 को निधन हो गया। परतंत्र भारत में जीते-जी उन्होंने एक ऐसी खोज की, जिसका श्रेय उन्हें नहीं मिला। जिसे मिला उसे इसी आधार पर फिजिक्स का नोबेल पुरस्कार मिल गया।

रेडियो की खोज के लिए 1909 में इटली के वैज्ञानिक मार्कोनी को नोबेल पुरस्कार मिला। हालांकि कहा जाता है कि मार्कोनी से पहले रेडियो की खोज प्रोफेसर बोस ने कर ली थी। ब्रिटिश उपनिवेश का नागरिक होने के कारण डॉ.बसु को इसका श्रेय नहीं मिला। इस तरह भारत की वैज्ञानिक ज्ञान संपदा में एक बड़ी उपलब्धि आते-आते रह गयी।

हालांकि इससे पहले डॉ. बसु ने यह साबित कर विज्ञान की दुनिया में भारतीय मेधा का सिक्का जमा लिया था कि पेड़-पौधों में भी जीवन होता है। 10 मई 1901 को उन्होंने इसे वैज्ञानिक रूप से साबित कर दिखाया। लंदन की रॉयल सोसायटी में उन्होंने क्रेस्कोग्राफ के जरिये इसे सिद्ध करते हुए पौधों की धड़कनों की पहचान करायी।

30 नवंबर 1858 को अविभाज्य भारत के ढाका (अब बांग्लादेश की राजधानी) जिले के फरीदपुर में पैदा हुए डॉ. बसु भारत के पहले वैज्ञानिक शोधकर्ता थे। उन्हें भौतिकी, जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और पुरातत्व का गहरा ज्ञान था। वे पहले वैज्ञानिक थे जिन्होंने अमेरिकन पेटेंट प्राप्त किया। वे विज्ञान कथाएं भी लिखते थे और बंगाली विज्ञान कथा-साहित्य का पिता माना जाता है।

अन्य अहम घटनाएंः

1897ः भारत में जन्मे बांग्ला एवं अंग्रेजी के विद्वान नीरद चंद्र चौधरी का जन्म।

1914ः हिंदी एवं उर्दू के सुप्रसिद्ध कथाकार कृश्न चंदर का जन्म।

1926ः आध्यात्मिक गुरु सत्य साईं बाबा का जन्म।

1930ः सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका गीता दत्त का जन्म।

2020ः असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई का निधन।


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