12 जुलाई: इतिहास के पन्नों में

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सिनेमा के ‘साइलेंट थंडर’ का जन्मः हिन्दी सिनेमा को निओ रियलिज्म या नव यथार्थवाद का नया रास्ता दिखाने वाले निर्देशक बिमल रॉय का जन्म 12 जुलाई 1909 को ढाका में हुआ। बेहद खामोश तबियत के बिमल रॉय को उनकी फिल्मों के तेवर को देखते हुए साइलेंट थंडर का नाम दिया गया था। उनकी फिल्मों ‘दो बीघा जमीन’ ‘परिणीता’ ‘मधुमती’ ‘सुजाता’ ‘बंदिनी’ ने सार्थक सिनेमा को नयी उड़ान दी। इन फिल्मों ने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किये। इनमें से 1953 में आयी ‘दो बीघा जमीन’ पहली फिल्म है, जिसने सर्वश्रेष्ठ फिल्म का फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता और यही वह पहली फिल्म है, जिसने कान फिल्म फेस्टिवल में अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी जीता। उसी तरह उनकी फिल्म मधुमती को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और सर्वश्रेष्ठ फिल्म की श्रेणी में नौ फिल्म फेयर अवॉर्ड मिले। अपनी फिल्म बंदिनी में उन्होंने गुलजार जैसे गीतकार को ब्रेक दिया। बिमल राय की यह आखिरी फीचर फिल्म ने भी सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और सर्वश्रेष्ठ फिल्म समेत छह फिल्म फेयर अवॉर्ड जीते। कम उम्र में ही 8 जनवरी 1965 को इस महान फिल्मकार का निधन हो गया।

आरएसएस पर लगा प्रतिबंध हटा: 12 जुलाई 1949 को सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर लगाया गया प्रतिबंध हटा लिया गया। जनवरी 1948 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या के बाद सरकार ने यह प्रतिबंध लगाया था। इस दौरान तमाम सरकारी पड़ताल के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की किसी भी तरह की भूमिका नहीं पाए जाने के बाद सरकार को आरएसएस को क्लीन चिट देते हुए उसपर लगायी गयी पाबंदी वापस लेनी पड़ी।

अन्य अहम घटनाएं:

1823: भारत में निर्मित पहला वाष्प जहाज ‘डायना’ का कलकत्ता में जलावतरण।

1912: ‘क्वीन एलिजाबेथ’ अमेरिका में प्रदर्शित होने वाली पहली विदेशी फिल्म बनी।

1960: भागलपुर और रांची विश्वविद्यालय की स्थापना।

1997: नोबेल पुरस्कार से सम्मानित मलाला युसुफजई का पाकिस्तान में जन्म।

2001: अगरतला से ढाका के बीच मैत्री बस सेवा की शुरुआत।


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