योगी सरकार अन्य राज्यों में फंसे उप्र के मजदूरों का लाएगी वापस

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14 दिन का क्वारंटीन पूरा कर चुके कामगारों को चरणबद्ध तरीके से वापस लाने की तैयारी



लखनऊ, 24 अप्रैल (हि.स.)। लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे उत्तर प्रदेश के कामगारों, श्रमिकों को योगी सरकार अब अपने राज्य वापस लाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके लिए वरिष्ठ अफसरों को कार्य योजना बनाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि अन्य राज्य सरकारों के जरिए ऐसे प्रदेशवासियों को वापस लाने की तैयारी की जाए, जहां वहां अपना क्वारंटीन पूरा कर चुके हों।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक बैठक में कहा कि उत्तर प्रदेश अन्य राज्यों में 14 दिन का क्वारंटीन पूरा कर चुके अपने राज्य के श्रमिकों, कामगारों तथा मजदूरों को चरणबद्ध तरीके से वापस लाएगा। इसके लिए एक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में सूची तैयार की जाए, जिसमें सम्बन्धित राज्य में स्थित प्रदेश के मजदूरों का विवरण दर्ज हो। ऐसे लोगों की स्क्रीनिंग व टेस्टिंग कराते हुए सम्बन्धित राज्य सरकार को इन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया प्रारम्भ करनी होगी। प्रदेश की सीमा तक सम्बन्धित राज्य सरकार द्वारा इन्हें लाये जाने के बाद ऐसे लोगों को बस के द्वारा इनके जिले में भेजा जाएगा।
उप्र में भी 14 दिन का होगा क्वारंटीन
उन्होंने कहा कि यह लोग जिस जनपद में जाएंगे, वहां 14 दिन क्वारंटीन करने के लिए पूरी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित कर ली जाएं। इसके लिए शेल्टर होम-आश्रय स्थल को खाली कर सेनेटाइज किया जाए। शेल्टर होम पर कम्युनिटी किचन के सुचारू संचालन के लिए सभी प्रबन्ध सुनिश्चित किये जाएं, ताकि इन लोगों के लिए ताजे व भरपेट भोजन की व्यवस्था हो सके।
उन्होंने कहा कि 14 दिन की संस्थागत क्वारंटीन पूरी करने वालों को राशन की किट व एक हजार रुपये के भरण-पोषण भत्ते के साथ होम क्वारंटीन के लिए घर भेजने की व्यवस्था की जाए।
हॉटस्पॉट का ‘यूपी मॉडल’ काफी लोकप्रिय
मुख्यमंत्री ने कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए लॉकडाउन के सफल क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा कोरोना वायरस को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लागू किये गये लॉकडाउन के निर्णय की विश्व में सराहना हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना प्रभावित क्षेत्रों को हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित करते हुए संक्रमण से बचाव के लिए अपनायी जा रही रणनीति अत्यन्त प्रभावी सिद्ध हो रही है। हॉटस्पॉट का यह ‘यूपी मॉडल’ काफी लोकप्रिय हुआ है। यह निरन्तर सुनिश्चित किया जाए कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों में केवल मेडिकल, सेनिटेशन तथा होम डिलीवरी टीमें ही जाएं।
20 या उससे अधिक मामलों वाले जनपदों में कैम्प करेंगे वरिष्ठ अफसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 20 या उससे अधिक कोरोना पॉजिटिव केस वाले जनपदों में वरिष्ठ प्रशासनिक, स्वास्थ्य तथा पुलिस अधिकारी भेजने का निर्णय किया है। यह अधिकारी नामित जनपद में एक सप्ताह कैम्प कर संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने की कार्रवाई अपनी देख-रेख में सम्पन्न कराए।
हर जनपद में कोविड व नॉन-कोविड अस्पताल चिह्नित
मुख्यमंत्री ने कहा है कि मेडिकल इन्फेक्शन को हर हाल में रोका जाना आवश्यक है। उन्होंने अस्पतालों में पीपीई, एन-95 मास्क, सेनिटाइजर की पर्याप्त उपलब्धता सहित सभी सुरक्षा प्रबन्धों को लागू करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में कोविड तथा नॉन-कोविड अस्पताल चिह्नित किये जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोरोना के मरीज उपचार के लिए केवल कोविड अस्पताल में ही भर्ती किये जाएं। इसी प्रकार अन्य रोगों के उपचार के लिए मरीज को नॉन-कोविड अस्पताल में भर्ती किया जाए।
एल-3 कोविड चिकित्सालयों में हर बेड पर वेंटिलेटर
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही मेडिकल स्टॉफ को संक्रमण से बचाव के लिए प्रशिक्षित करने तथा चिकित्सालय में संक्रमण से सुरक्षा के सभी उपाय अपनाते हुए इमरजेन्सी सेवाएं प्रारम्भ की जाएं, जिससे लोगों को अन्य गम्भीर रोगों के त्वरित उपचार की सुविधा मिल सके। एल-3 कोविड चिकित्सालयों में हर बेड पर वेंटिलेटर अवश्य हो।
एल-2 चिकित्सालय में प्रत्येक बेड पर ऑक्सीजन
मुख्यमंत्री ने पूल टेस्टिंग को बढ़ाने तथा एल-1, एल-2 तथा एल-3 चिकित्सालयों में बेड्स की संख्या में वृद्धि के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग पर भी फोकस करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एल-2 चिकित्सालय में प्रत्येक बेड पर ऑक्सीजन तथा हर 10 बेड पर एक वेंटिलेटर उपलब्ध रहना चाहिए। एल-1 चिकित्सालय में प्रत्येक 5 बेड पर एक ऑक्सीजन सिलिण्डर सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
प्रशासन, पुलिस व मेडिकल टीम समन्वय के साथ करे काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद स्तर पर प्रशासन, पुलिस तथा मेडिकल की टीम आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करें। कोरोना वायरस की चुनौती से निपटने के लिए टीम भावना के साथ कार्य करना आवश्यक है। जिला स्तर पर साफ-सफाई, आवश्यक सामग्री की आपूर्ति, लॉजिस्टिक, संस्थागत क्वारंटीन में रखे गये लोगों के ठहरने व भोजन आदि की जिम्मेदारी सहित विभिन्न कार्य अलग-अलग अधिकारी को सौंपते हुए अच्छी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
टेलीमेडिसिन के जरिए जनता को दी जाए राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में टेलीमेडिसिन के माध्यम से आमजन को सुगमतापूर्वक चिकित्सीय परामर्श प्रदान किया जा सकता है। इसके मद्देनजर प्रत्येक जिलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्साधिकारी अपने जनपद के सरकारी व निजी चिकित्सकों की बैठक कर उनसे इस सुविधा से जुड़ने का आग्रह करें। टेलीमेडिसिन के द्वारा टेली कंसल्टेन्सी प्रदान करने के इच्छुक डॉक्टरों की फोन नम्बर युक्त सूची का व्यापक प्रचार-प्रसार भी कराया जाए।
कम्युनिटी किचन को और किया जाए मजबूत
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोई भूखा न रहे इसके लिए कम्युनिटी किचन के संचालन के साथ-साथ जरुरतमन्दों को खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है। उन्होंने कम्युनिटी किचन की सराहना करते हुए इस व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आगामी माह भी निःशुल्क खाद्यान्न वितरित करने जा रही है। उन्होंने बैंकों में सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखे जाने पर जोर दिया।

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