AI समिट विरोध मामले में उदय भानु चिब को जमानत, कोर्ट ने पुलिस रिमांड बढ़ाने से किया इनकार

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नई दिल्ली में एआई समिट विरोध मामले ने नया मोड़ लिया। उदय भानु चिब को शनिवार को अदालत से जमानत मिल गई। वह भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। उन पर भारत एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान शर्टलेस प्रदर्शन आयोजित करने का आरोप है।

सबसे पहले, पटियाला हाउस कोर्ट के ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सात दिन की अतिरिक्त पुलिस रिमांड मांगी। पुलिस ने कहा कि जांच आगे बढ़ाने के लिए हिरासत जरूरी है। हालांकि, बचाव पक्ष ने इसका विरोध किया। वकीलों ने जमानत याचिका दाखिल की और कहा कि आगे की हिरासत की जरूरत नहीं है।

इसके बाद, अदालत ने रिकॉर्ड का अवलोकन किया। मजिस्ट्रेट ने कहा कि क्राइम ब्रांच रिमांड बढ़ाने के लिए ठोस कारण पेश नहीं कर सकी। इसलिए अदालत ने पुलिस की मांग खारिज कर दी। साथ ही, अदालत ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर चिब को जमानत दे दी।

हालांकि, अदालत ने शर्तें भी लगाईं। चिब को अपना पासपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अदालत में जमा करने होंगे। उन्हें जांच में सहयोग करना होगा। अदालत ने साफ कहा कि जांच प्रक्रिया में बाधा नहीं आनी चाहिए।

पुलिस ने चिब को तिलक मार्ग थाने में करीब 15 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि 20 फरवरी को भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट और एक्सपो 2026 के दौरान उन्होंने गैरकानूनी जमावड़ा आयोजित किया। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की।

एफआईआर और गिरफ्तारी मेमो में पुलिस ने चिब को मुख्य साजिशकर्ता बताया। पुलिस ने कृष्णा हरि, कुंदन यादव, नरसिम्हा यादव और अजय कुमार यादव समेत अन्य लोगों को सह-आरोपी बताया। पुलिस का आरोप है कि इन लोगों ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों का रास्ता रोका और धक्का-मुक्की की।

इसके अलावा, पुलिस ने कहा कि पूछताछ के दौरान चिब ने पूरा सहयोग नहीं दिया। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने कुछ सह-आरोपियों की जानकारी साझा नहीं की। साथ ही, पुलिस ने दावा किया कि उन्होंने प्रदर्शन में इस्तेमाल टी-शर्ट की छपाई के स्रोत का खुलासा नहीं किया।

इस घटना ने राजनीतिक विवाद भी खड़ा किया। भाजपा ने प्रदर्शन की कड़ी आलोचना की। पार्टी नेताओं ने कहा कि ऐसे कदम से देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचता है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने अपने युवा संगठन का बचाव किया। पार्टी ने कहा कि युवाओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी।

दिलचस्प बात यह रही कि विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के कुछ सहयोगियों ने भी इस तरीके पर सवाल उठाए। उन्होंने शर्टलेस प्रदर्शन की शैली को अनुचित बताया। इससे राजनीतिक बहस और तेज हो गई।

अब मामला न्यायिक प्रक्रिया में आगे बढ़ेगा। पुलिस जांच जारी रखेगी। अदालत ने फिलहाल चिब को राहत दी है, लेकिन कानूनी कार्रवाई अभी समाप्त नहीं हुई है। आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा में बना रह सकता है।


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