पेड प्रमोशन से फैली गुमशुदा लड़कियों की अफवाह, दिल्ली पुलिस ने बताया साजिश

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दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को बड़ी जानकारी दी। पुलिस ने कहा कि राजधानी में गुमशुदा लड़कियों की संख्या बढ़ने की खबरें भ्रामक हैं। अधिकारियों ने बताया कि कुछ लोग जानबूझकर डर फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। वे इसके लिए पेड ऑनलाइन प्रचार का इस्तेमाल कर रहे हैं।

सबसे पहले, सोशल मीडिया पर कई पोस्ट वायरल हुए। इन पोस्ट में दावा किया गया कि दिल्ली में बड़ी संख्या में लड़कियां लापता हो रही हैं। इन दावों ने लोगों में चिंता बढ़ा दी। हालांकि, पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। उन्होंने डिजिटल ट्रेल को खंगाला। इसके बाद, उन्होंने इन पोस्ट की असली वजह का पता लगाया।

पुलिस के अनुसार, कई अकाउंट्स ने प्रायोजित पोस्ट के जरिए इस मुद्दे को बढ़ाया। इन पोस्ट के पीछे पैसे का लेनदेन हुआ। इसलिए, पुलिस ने इसे सुनियोजित अभियान बताया। अधिकारियों ने साफ कहा कि डर फैलाकर कमाई करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

इसी बीच, कुछ मीडिया रिपोर्ट सामने आईं। इन रिपोर्टों में जनवरी 2026 के आंकड़ों का हवाला दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, 1 से 15 जनवरी के बीच 807 लोग लापता हुए। इनमें 509 महिलाएं और लड़कियां थीं। वहीं, 298 पुरुष थे। आंकड़ों में यह भी बताया गया कि 191 नाबालिग और 616 वयस्क थे।

इसके अलावा, रिपोर्ट में आगे कहा गया कि 1 से 27 जनवरी के बीच पुलिस ने 235 लोगों को खोज निकाला। वहीं, 572 लोग अब भी नहीं मिले। औसतन हर दिन 27 लोग लापता हुए। साथ ही, रोज करीब 9 लोगों को पुलिस ने ढूंढ लिया।

हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन आंकड़ों की व्याख्या पर सवाल उठाए। संयुक्त पुलिस आयुक्त संजय त्यागी ने इन रिपोर्टों को अफवाह बताया। उन्होंने कहा कि मामलों का ट्रेंड पिछले वर्षों जैसा ही है। उन्होंने यह भी बताया कि जनवरी 2026 में मामलों में कमी दर्ज हुई।

पुलिस ने कहा कि अधूरे आंकड़ों से गलत निष्कर्ष निकाले जा रहे हैं। जांच के दौरान कई लोग बाद में मिल जाते हैं। इसलिए शुरुआती आंकड़े अंतिम तस्वीर नहीं दिखाते।

इसी बीच, भाजपा ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने कहा कि यह पूरा अभियान एक हिंदी फिल्म के प्रचार से जुड़ा है। भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि कुछ लोग फिल्म को प्रमोट करने के लिए डर फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले की पूरी जांच करेगी।

उन्होंने “मर्दानी 3” फिल्म का जिक्र किया। यह फिल्म गुमशुदा लड़कियों की कहानी पर आधारित है। भाजपा का दावा है कि इसी फिल्म के प्रचार के लिए भावनात्मक माहौल बनाया गया।

वहीं, आम आदमी पार्टी ने सरकार पर हमला बोला। AAP ने कहा कि दिल्ली “लापतागंज” बन गई है। पार्टी ने दावा किया कि 15 दिनों में 800 से ज्यादा लोग गायब हुए। उन्होंने कहा कि इनमें ज्यादातर महिलाएं और लड़कियां हैं।

AAP नेताओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की।

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने जनता से अपील की। पुलिस ने कहा कि लोग शांत रहें। वे सोशल मीडिया की अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें। किसी भी सूचना की पुष्टि जरूर करें।

पुलिस ने चेतावनी भी दी। अधिकारियों ने कहा कि फर्जी खबर फैलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि गलत सूचना से जांच प्रभावित होती है और लोगों में डर बढ़ता है।

अंत में, दिल्ली पुलिस ने साफ किया कि शहर में गुमशुदा मामलों में कोई असामान्य बढ़ोतरी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि कुछ लोग निजी फायदे के लिए भ्रम फैला रहे हैं। अब एजेंसियां ऐसे तत्वों पर नजर बनाए हुए हैं और सच्चाई सामने लाने में जुटी हैं।


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