महिला ‘फिदायीन’, IED हमले और BLA का दावा: बलूचिस्तान में संघर्ष तेज

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बलूचिस्तान में इस सप्ताह हिंसा तेजी से बढ़ी। अलगाववादी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने बड़े हमलों का दावा किया। संगठन ने अपने अभियान को ऑपरेशन हीरोफ फेज़-II नाम दिया। BLA ने कहा कि यह अभियान 40 घंटे से अधिक चला। साथ ही, यह कई जिलों में फैला रहा।

सबसे पहले, BLA ने दो बयान जारी किए। संगठन के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने इन बयानों में दावे रखे। उन्होंने कहा कि लड़ाके खारान, मस्तुंग, तुंप और पसनी में अभियान पूरा कर चुके हैं। इसके बाद, उन्होंने बताया कि कुछ अन्य इलाकों में लड़ाई अभी जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि क्वेटा और नोश्की के कुछ हिस्सों में BLA की मौजूदगी रही।

इसी बीच, संगठन ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को लेकर बड़ा दावा किया। BLA ने कहा कि पाकिस्तान सेना, पुलिस और फ्रंटियर कोर के 200 से अधिक जवान मारे गए। इसके अलावा, संगठन ने 17 लोगों को पकड़े जाने का दावा किया। हालांकि, BLA ने इन आंकड़ों को प्रारंभिक बताया। संगठन ने यह भी संकेत दिया कि वास्तविक नुकसान इससे ज्यादा हो सकता है।

दूसरी ओर, सरकारी पक्ष ने अलग आंकड़े पेश किए। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि हमलों में 17 सुरक्षाकर्मी और 31 नागरिक मारे गए। हालांकि, स्वतंत्र एजेंसियों ने BLA के दावों की पुष्टि नहीं की।

इसके बाद, एक और घटनाक्रम सामने आया। BLA ने नोश्की के डिप्टी कमिश्नर मुहम्मद हुसैन हज़ारा और असिस्टेंट कमिश्नर मारिया शमू की गिरफ्तारी और रिहाई की जानकारी दी। संगठन ने कहा कि उसने दोनों को “मानवीय आधार” पर छोड़ा। BLA ने दावा किया कि वह स्थानीय प्रशासन को तब तक दुश्मन नहीं मानता, जब तक वे उसके लड़ाकों का विरोध न करें। साथ ही, संगठन ने चेतावनी दी कि सेना की मदद करने वाले अधिकारी निशाने पर रहेंगे।

इधर, पाकिस्तान सेना ने भी जवाबी दावे किए। सेना ने कहा कि शनिवार को 92 और शुक्रवार को 41 अलगाववादी मारे गए। इसी क्रम में, BLA ने अपने नुकसान भी स्वीकार किए। संगठन ने कहा कि 18 लड़ाके मारे गए। इनमें 11 मजीद ब्रिगेड के ‘फिदायीन’, चार फतेह स्क्वाड के और तीन STOS यूनिट के सदस्य शामिल थे।

इसके अलावा, BLA ने महिला हमलावरों की भूमिका भी स्वीकार की। संगठन ने बताया कि आसिफा मेंगल ने नोश्की में ISI मुख्यालय को निशाना बनाया। यह हमला VBIED के जरिए हुआ। BLA के अनुसार, आसिफा मेंगल अक्टूबर 2023 में संगठन से जुड़ीं। उन्होंने जनवरी 2024 में फिदायीन बनने का फैसला किया। उनकी मौत शुक्रवार को हुई।

इसी तरह, ग्वादर फ्रंट पर हवा बलूच का नाम सामने आया। BLA ने कहा कि उन्होंने अन्य फिदायीन के साथ मिलकर लड़ाई लड़ी। संगठन ने उनका अंतिम संदेश भी साझा किया। इस बीच, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि कम से कम दो हमलों में महिलाएं शामिल रहीं।

अब पृष्ठभूमि पर नजर डालें। बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है। हालांकि, यहां आबादी कम है। लंबे समय से यहां विद्रोह चलता रहा है। अलगाववादी संगठन अधिक स्वायत्तता और संसाधनों पर नियंत्रण की मांग करते रहे हैं। BLA इस आंदोलन का प्रमुख चेहरा बना हुआ है। पाकिस्तान और कई अन्य देश इसे आतंकी संगठन मानते हैं।

फिलहाल, हालात स्पष्ट नहीं हैं। सरकार की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं आया है। वहीं, जमीन पर हालात को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। इसी कारण, बलूचिस्तान में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है।


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