बजट डे 2026 पर भारतीय शेयर बाजार ने कमजोर शुरुआत की। सुबह के कारोबार में तेज बिकवाली दिखी। नतीजतन, सेंसेक्स करीब 800 अंक टूट गया। वहीं, निफ्टी फिसला लेकिन 25,000 के अहम स्तर के ऊपर बना रहा।
इस बार बाजार रविवार को खुला। सरकार ने बजट पेश करने के दिन विशेष ट्रेडिंग सत्र रखा। इसलिए निवेशकों ने नीतिगत ऐलानों पर रियल टाइम में प्रतिक्रिया दी। इससे अस्थिरता और बढ़ गई।
शुरुआती कारोबार में ही दबाव साफ दिखा। बैंकिंग, आईटी और मेटल शेयरों में बिकवाली रही। दिग्गज शेयरों में मुनाफावसूली दिखी। हाल के रिकॉर्ड स्तरों के बाद निवेशकों ने जोखिम घटाया।
इसी बीच, बजट को लेकर सतर्कता बनी रही। निवेशक सरकार के खर्च और राजकोषीय घाटे पर नजर बनाए रहे। जैसे ही संकेत अस्पष्ट लगे, बाजार नीचे फिसल गया।
वैश्विक संकेतों ने भी ज्यादा सहारा नहीं दिया। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ऊंचे स्तर पर रहे। इसलिए जोखिम लेने की भूख कमजोर पड़ी।
घरेलू स्तर पर निवेशकों ने बजट भाषण के हर संकेत को परखा। टैक्स ढांचे, पूंजीगत व्यय और सब्सिडी नीति पर खास ध्यान रहा। हर बड़ी घोषणा के साथ बाजार में तेज हलचल दिखी।
बैंकिंग शेयरों ने सबसे ज्यादा दबाव झेला। निजी बैंकों में गिरावट आई। पीएसयू बैंकों में भी कमजोरी रही। निवेशकों ने मार्जिन और क्रेडिट ग्रोथ को लेकर चिंता जताई।
इसके उलट, कुछ रक्षात्मक शेयरों ने नुकसान सीमित किया। एफएमसीजी और फार्मा शेयरों में हल्की खरीद दिखी। अनिश्चित माहौल में निवेशकों ने सुरक्षित विकल्प चुने।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी फिसले। व्यापक बाजार ने बेंचमार्क से ज्यादा नुकसान दिखाया। इससे रिटेल निवेशकों की सतर्कता साफ झलकी।
दिन बढ़ने के साथ उतार-चढ़ाव बना रहा। इंडेक्स बार-बार ऊपर-नीचे हुए। बजट से जुड़ी हर खबर ने बाजार की दिशा बदली। इसलिए इंट्राडे ट्रेडर्स सक्रिय रहे।
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भी सतर्क रुख अपनाया। हाल के दिनों में फंड फ्लो कमजोर रहे। बजट डे पर भी एफआईआई ने इंतजार करना बेहतर समझा। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने सीमित खरीद की, लेकिन गिरावट नहीं रोक सके।
विशेषज्ञों ने कहा कि रविवार की ट्रेडिंग ने अनिश्चितता बढ़ाई। आमतौर पर बाजार वीकेंड पर बंद रहते हैं। इस बार लिक्विडिटी कम रही। कम वॉल्यूम में गिरावट तेज दिखी।
हालांकि, विश्लेषकों ने घबराने से मना किया। उन्होंने कहा कि बजट डे पर शुरुआती प्रतिक्रिया अक्सर तेज होती है। समय के साथ तस्वीर साफ होती है।
तकनीकी रूप से निफ्टी का 25,000 के ऊपर रहना अहम माना गया। यह स्तर मजबूत सपोर्ट की तरह काम कर रहा है। अगर यह टूटता है तो और गिरावट आ सकती है। वहीं, इसके ऊपर टिकने से खरीद लौट सकती है।
आगे चलकर निवेशकों की नजर सेक्टर आधारित घोषणाओं पर रहेगी। इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, डिफेंस और मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस बना हुआ है। पूंजीगत खर्च में बढ़ोतरी बाजार को सहारा दे सकती है।
कुल मिलाकर, बजट डे 2026 पर शेयर बाजार ने कमजोर रुख दिखाया। सेंसेक्स में तेज गिरावट आई। निफ्टी अहम स्तर के पास रहा। अस्थिरता पूरे दिन हावी रही। फिलहाल, बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है।