‘बड़े भाई जैसे थे’: अजित पवार के निधन पर एकनाथ शिंदे ने व्यक्त किया दुःख
महाराष्ट्र बुधवार को एक बड़ी शोक की स्थिति में रहा। उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार की असामयिक मृत्यु ने सभी को स्तब्ध कर दिया। पुणे के बारामती में चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से पवार और विमान में सवार चार अन्य लोगों की मौत हो गई।
शोक व्यक्त करते हुए महाराष्ट्र के अन्य उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि पवार का निधन राज्य के लिए “भारी क्षति” है। उन्होंने कहा, “वे एक अध्ययनशील, साहसी और अनुशासित नेता थे। प्रशासन पर उनकी मजबूत पकड़ थी। उन्होंने कभी ऐसे प्रोजेक्ट या योजनाओं को नहीं अपनाया जो राज्य के खजाने पर अनावश्यक बोझ डालते। मेरे लिए वे बड़े भाई जैसे थे।”
शिंदे ने आगे बताया कि वह और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तुरंत बारामती के लिए रवाना होंगे। दोनों नेताओं का दिन का सभी कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार विमान दुर्घटना की पूरी जांच कराएगी।
अजित पवार का बारामती आगमन चुनावी तैयारियों के तहत था। वे चार ज़िला परिषद चुनाव रैलियों को संबोधित करने वाले थे। उनकी उपस्थिति पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही थी।
बारामती हवाई अड्डे के प्रबंधक शिवाजी तवारे ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि विमान लैंडिंग के प्रयास के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उन्होंने कहा कि विमान नियंत्रण खो बैठा और रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
आपातकालीन सेवाएं मौके पर तुरंत पहुंचीं। फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। एम्बुलेंस ने घायल और मृतकों को अस्पताल पहुंचाया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य की निगरानी करने लगे।
अजित पवार ने महाराष्ट्र में लंबे समय तक राजनीति और प्रशासन में योगदान दिया। वे राज्य के सबसे लंबे समय तक कार्यरत उपमुख्यमंत्री थे। उन्होंने विभिन्न सरकारों में छह बार इस पद पर काम किया। पवार ने 1991 में लोकसभा चुनाव जीतकर राजनीतिक सफर शुरू किया और बाद में अपने चाचा शरद पवार को सीट सौंप दी। उन्होंने बारामती विधानसभा सीट सात बार जीती।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पवार की मृत्यु से न केवल एनसीपी बल्कि राज्य की राजनीति में भी महत्वपूर्ण स्थान पर असर पड़ेगा। बारामती उनकी राजनीतिक ताकत का केंद्र रहा। स्थानीय चुनाव और पार्टी संगठन में उनके योगदान को सभी नेता याद करेंगे।
विमान दुर्घटना ने हवाई सुरक्षा और छोटे हवाई अड्डों की आपात तैयारी पर भी सवाल खड़ा कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि वे तकनीकी डेटा, रनवे की स्थिति और मौसम की रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे।
अजित पवार की असामयिक मौत ने पूरे महाराष्ट्र को स्तब्ध कर दिया है। एकनाथ शिंदे और अन्य नेताओं के शब्द उनके प्रशासनिक कौशल, ईमानदारी और लोगों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शून्य भर पाना कठिन होगा।
