भारी बर्फबारी से मनाली, शिमला और कश्मीर सफेद, जनजीवन प्रभावित

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उत्तर भारत के प्रमुख पर्यटन स्थल शुक्रवार को बर्फ की चादर में ढक गए। सबसे पहले, हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बर्फबारी शुरू हुई। इससे करीब तीन महीने से चला आ रहा सूखा दौर खत्म हुआ। इसी तरह, कश्मीर में भी मौसम ने करवट ली और इस सीजन की पहली बड़ी बर्फबारी दर्ज हुई। उधर, मनाली और राज्य के अन्य ऊंचाई वाले पर्यटन क्षेत्रों में भी लगातार हिमपात हुआ।

शिमला में सुबह से बर्फ गिरने लगी। इससे शहर का तापमान और गिर गया। सड़कों पर फिसलन बढ़ी और आवाजाही प्रभावित हुई। हालात को देखते हुए, जिला प्रशासन ने तुरंत एडवाइजरी जारी की। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की कि मौसम सुधरने तक वाहन न चलाएं। अधिकारियों ने साफ कहा कि दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।

इसके बाद, ऊपरी इलाकों से और जानकारी सामने आई। चोपल जैसे क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हुई। इसके चलते चोपल-देहा सड़क को बंद करना पड़ा। प्रशासन ने एहतियातन यातायात रोका। इस बीच, बर्फबारी के दृश्य सामने आए, जिनमें सड़कें और घर पूरी तरह बर्फ से ढके नजर आए।

गौरतलब है कि शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी। विभाग ने 23 जनवरी के लिए कई जिलों में भारी बारिश और बर्फबारी का अनुमान जताया था। इसी क्रम में, मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया। स्थानीय मौसम कार्यालय ने आने वाले दिनों में भी तेज बर्फबारी और बारिश की संभावना जताई है।

पूर्वानुमान के अनुसार, कुल्लू, चंबा और लाहौल-स्पीति जिलों में ऑरेंज अलर्ट लागू है। इन इलाकों में भारी बर्फबारी, बारिश, आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। वहीं, शिमला, कांगड़ा, मंडी, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, हमीरपुर, किन्नौर और ऊना जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश, ओलावृष्टि, ठंडे दिन जैसी स्थिति और गरज-चमक हो सकती है।

इसी बीच, मौसम विभाग ने आगे की स्थिति भी साफ की। विभाग के अनुसार, 24 जनवरी को मध्य और ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है। इसके बाद, 25 जनवरी को मौसम शुष्क रह सकता है। हालांकि, 26 से 28 जनवरी के बीच फिर से भारी बारिश और बर्फबारी का एक और दौर आने की संभावना है।

पिछले 24 घंटों में हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहा था। इसके बावजूद, ठंड का असर पहले से ही दिखने लगा था। हमीरपुर में गंभीर शीतलहर दर्ज हुई। वहीं, मंडी, ऊना, कांगड़ा और बिलासपुर में भी शीतलहर की स्थिति बनी रही। लाहौल-स्पीति के ताबो गांव में राज्य का सबसे कम तापमान माइनस 8.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

दूसरी ओर, कश्मीर में भी हालात तेजी से बदले। घाटी में इस सीजन की पहली बड़ी बर्फबारी हुई। बर्फ गिरने के चलते एक राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद करना पड़ा। प्रशासन ने चेतावनी दी कि मौसम के कारण सेवाएं सामान्य होने में समय लग सकता है।

श्रीनगर हवाई अड्डे पर भी असर दिखा। शुक्रवार सुबह बर्फ हटाने का काम शुरू हुआ। अधिकारियों ने यात्रियों को अपनी-अपनी एयरलाइंस से संपर्क में रहने की सलाह दी।

पर्यटन स्थल गुलमर्ग में सबसे ज्यादा बर्फ गिरी। यहां 20 से 24 इंच तक ताजा बर्फ जम गई। इससे नजारे तो खूबसूरत हुए, लेकिन आवाजाही मुश्किल हो गई।

एहतियात के तौर पर, राजौरी और पुंछ जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए। इसके अलावा, वैष्णो देवी मंदिर क्षेत्र में भी ताजा बर्फबारी हुई। इससे तीर्थयात्रा गतिविधियां प्रभावित हुईं।

कुल मिलाकर, हिमाचल प्रदेश और कश्मीर में भारी बर्फबारी ने पर्यटन स्थलों की तस्वीर बदल दी है। एक ओर जहां सैलानियों को बर्फ का नजारा मिला, वहीं दूसरी ओर प्रशासन को सुरक्षा और व्यवस्था संभालने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।


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