नई दिल्ली – दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार सुबह हालात तेजी से बिगड़े। पहले घनी धुंध छाई। फिर कड़ाके की ठंड बढ़ी। साथ ही हवा जहरीली स्तर पर पहुंची। इसलिए आयोग ने तुरंत सख्ती दिखाई। आयोग फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने GRAP के स्टेज-3 प्रतिबंध दोबारा लागू किए।
सुबह की शुरुआत बेहद खराब रही। कई इलाकों में विज़िबिलिटी बहुत कम दिखी। खासकर आनंद विहार, गाज़ियाबाद बॉर्डर और नोएडा एक्सप्रेसवे पर धुंध गहरी रही। नतीजतन ट्रैफिक की रफ्तार धीमी चली। कई जगह लंबा जाम लगा। उधर ठंडी हवाओं ने तापमान और गिराया। न्यूनतम तापमान करीब 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। इससे लोगों को दिक्कत बढ़ी।
इसी बीच प्रदूषण ने चिंता और बढ़ाई। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) तेजी से “सीवियर” जोन में पहुंचा। पिछले कुछ दिनों में हल्की राहत दिखी थी। लेकिन शुक्रवार को हालात फिर खराब हुए। इसलिए CAQM ने बिना देर किए स्टेज-3 लागू किया।
GRAP-3 के तहत कई अहम कदम तुरंत प्रभाव में आए। सबसे पहले, गैर-जरूरी निर्माण कार्य रोके गए। साथ ही, डीज़ल से चलने वाले कई पुराने वाहनों पर सख्त रोक लगी। इसके अलावा, प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक गतिविधियों पर निगरानी बढ़ी। स्कूलों को भी बाहरी गतिविधियां सीमित करने की सलाह मिली। वहीं सड़कों पर पानी का छिड़काव और सफाई अभियान तेज हुए।
आनंद विहार में हालात सबसे अधिक प्रभावित दिखे। वहां सुबह धुंध ने दृश्यता बहुत घटाई। इससे बस और ट्रक चालकों को धीमा चलना पड़ा। कई लोग मास्क पहनकर बाहर निकले। स्थानीय प्रशासन ने लगातार अनाउंसमेंट कर लोगों से सावधानी बरतने को कहा।
मौसम विभाग ने पहले ही ठंड और धुंध की चेतावनी दी थी। विभाग ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी हवाएं ठंड बढ़ा रही हैं। साथ ही नमी के कारण सुबह और रात में धुंध घनी बन रही है। यही स्थिति प्रदूषण को भी ऊपर धकेलती है क्योंकि हवा का प्रवाह धीमा रहता है।
विशेषज्ञों ने साफ कहा कि सर्दियों में प्रदूषण तेजी से फंसता है। ठंडी हवा नीचे बैठती है। धूल और धुआं ऊपर नहीं उठते। इसलिए AQI अचानक खतरनाक स्तर पर पहुंचता है। इसी वजह से GRAP-3 जैसे कदम जरूरी बनते हैं।
उधर नागरिकों को भी सतर्क रहने की सलाह मिली। डॉक्टरों ने सुबह की सैर टालने को कहा। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा मरीजों को घर में रहने की हिदायत दी। साथ ही अधिक पानी पीने और मास्क पहनने की सलाह दी।
फिलहाल प्रशासन लगातार हालात पर नजर रख रहा है। CAQM ने साफ किया कि जरूरत पड़ने पर और सख्ती दिखाई जाएगी। अगले कुछ दिनों में मौसम और हवा की स्थिति के आधार पर नए फैसले लिए जाएंगे। तब तक दिल्ली को सर्दी, धुंध और प्रदूषण से एक साथ जूझना पड़ेगा।