मुंबई बचाने की लड़ाई: उद्धव–राज एक मंच पर, BJP के ‘फर्जी हिंदुत्व’ पर तीखा हमला

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मुंबई में सियासी पारा रविवार को अचानक चढ़ गया। सबसे पहले, शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे एक मंच पर आए। दोनों नेताओं ने BJP पर सीधा हमला बोला। उन्होंने पार्टी के हिंदुत्व को “फर्जी” बताया। साथ ही, उन्होंने कहा कि मुंबई पर मंडराते खतरे ने उन्हें फिर साथ आने को मजबूर किया।

इसके बाद, दोनों ने जनवरी 15 को होने वाले बीएमसी चुनाव को निर्णायक बताया। 2024 के विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद यह रैली अस्तित्व की लड़ाई मानी जा रही है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्होंने मतभेद भुला दिए हैं। उन्होंने यह कदम मराठी मानूस, हिंदुओं और महाराष्ट्र के हित में उठाया।

आगे बढ़ते हुए, उद्धव ने मराठी अस्मिता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मराठी से प्यार खून में होना चाहिए। इसी बीच, उन्होंने खुद और राज ठाकरे को मुंबई बचाने का एकमात्र विकल्प बताया।

इसके बाद, राज ठाकरे ने सीधे मराठी वोट बैंक को साधा। उन्होंने कहा कि मुंबई गंभीर खतरे में है। इसी वजह से दोनों चचेरे भाई साथ आए। साथ ही, दोनों नेताओं ने BJP पर मुंबई को “लूटने” का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि BJP मुंबई को गुजरात से जोड़ने की साजिश कर रही है।

इसके अलावा, राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि मुंबई और महाराष्ट्र की संपत्तियां गौतम अडानी समूह को सौंपी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से सरकार ने लगातार अडानी को फायदा पहुंचाया।

फिर, उन्होंने वधावन पोर्ट परियोजना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह गुजरात के पास स्थित है। उन्होंने दावा किया कि पालघर, ठाणे और मुंबई महानगर क्षेत्र पर नियंत्रण की कोशिश हो रही है। उनके मुताबिक, यह पूरी योजना मुंबई पर कब्जे की दिशा में बढ़ती है।

इसके बाद, राज ठाकरे ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि लंबी अवधि की योजना मुंबई को गुजरात से जोड़ने की है। उन्होंने जनता से अपील की कि अगर बीएमसी उनके हाथ में रही, तो कोई भी जमीन अडानी को नहीं बेच सकेगा।

फिर, राज ने चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यह मराठी मानूस के लिए आखिरी चुनाव है। अगर अब चूक हुई, तो मुंबई हमेशा के लिए हाथ से निकल जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकारें भी जनभावनाओं का सम्मान करती थीं, लेकिन मौजूदा सरकार लोगों को हल्के में ले रही है।

इसके बाद, उद्धव ठाकरे ने BJP की मंशा पर सवाल उठाया। उन्होंने तमिलनाडु BJP नेता के. अन्नामलाई के बयान का हवाला दिया। उन्होंने पूछा कि क्या BJP मुंबई का नाम फिर से “बॉम्बे” करना चाहती है। उद्धव ने कहा कि यह बयान BJP के छिपे एजेंडे को उजागर करता है।

आगे, उद्धव ने BJP पर चुनाव से पहले समाज को बांटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि BJP का हिंदुत्व और राष्ट्रवाद नकली है। उन्होंने चुनौती दी कि BJP ऐसा कोई चुनाव बताए, जहां उसने हिंदू-मुसलमान की राजनीति न की हो।

इसके अलावा, उन्होंने भारत-पाक क्रिकेट मैच पर BJP की चुप्पी को “बेशर्मी” बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी अब “नेशन फर्स्ट” नहीं, बल्कि “करप्शन फर्स्ट” पर चलती है। उन्होंने बीएमसी में तीन लाख करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप भी दोहराया।

अंत में, राज ठाकरे ने भाषा विवाद पर बात की। उन्होंने हिंदी को कक्षा 1 से 5 तक अनिवार्य करने के प्रस्ताव का विरोध किया। उन्होंने कहा कि विरोध किसी भाषा से नहीं, बल्कि थोपे जाने से है। साथ ही, उन्होंने कार्यकर्ताओं को ईवीएम और डबल वोटरों पर नजर रखने को कहा।

कुल मिलाकर, उद्धव और राज ठाकरे ने साफ संकेत दे दिया है। वे बीएमसी चुनाव को मुंबई की पहचान और मराठी अस्मिता की लड़ाई के रूप में लड़ेंगे।


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