मुंबई — महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार को सीधा हमला किया। उन्होंने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, वे “मराठी मानूस” की बात करते हैं। पर वे सत्ता और पैसों के पीछे भागते हैं। उन्होंने BMC की तिजोरी की ओर इशारा किया। फिर कहा, वहीं से राजनीति बदलती है।
अब पृष्ठभूमि समझिए। मुंबई की राजनीति हमेशा BMC के इर्द-गिर्द घूमती है। सालों तक ठाकरे परिवार ने यहाँ मजबूत पकड़ बनाई। फिर सत्ता बदली। इसके बाद माहौल भी बदला।
इसी संदर्भ में शिंदे वर्ली में महायुति की रैली में बोले। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की बात दोहराई। उन्होंने कहा, मुंबई को मराठी मेयर मिलेगा। इस बार BJP और शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना साथ चल रही है। दोनों दल सीधे मुकाबले की तैयारी कर रहे हैं।
फिर शिंदे ने मोर्चा बदला। उन्होंने आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे पर सवाल उठाए। दोनों नेताओं ने मिलकर चुनावी एजेंडा पेश किया। शिंदे ने पूछा, सत्ता में रहते समय ये विचार कहाँ थे। उन्होंने आरोप लगाया, उन्होंने पैसा कमाया और मुंबई को नुकसान पहुँचाया।
अब थोड़ा इतिहास। 2017 से पहले शिवसेना ने दो दशकों से अधिक समय तक BMC चलाई। फिर जनता ने रास्ता बदला। इसके बाद नए समीकरण बने।
शिंदे ने कहा, लोग बदलाव चाहते हैं। इसलिए पुराने नेता अब “विजन” की बात करते हैं। लेकिन, शिंदे ने दावा किया, जनता काम देखती है, नारे नहीं।
फिर उन्होंने योजनाओं पर बात की। उन्होंने “मुख्यमंत्री लड़की बहन योजना” का समर्थन किया। इस योजना में महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये मिलते हैं। उन्होंने कहा, विरोध करने वाले अब वही योजना कॉपी कर रहे हैं। उन्होंने आदित्य और अमित की घोषणाओं का उदाहरण दिया।
इसके बाद उन्होंने पहचान की राजनीति पर बात की। उन्होंने कहा, मुंबई मराठी मानूस की है। और आगे भी रहेगी। उन्होंने आरोपों को झूठ बताया कि BJP मराठी मेयर नहीं चाहती।
शिंदे ने पुराने चुनावों की याद दिलाई। उन्होंने कहा, कुछ लोग 2012 और 2017 में “मुंबई अलग हो जाएगी” का डर दिखाते रहे। उन्होंने कहा, मुंबई विकास चाहती है। भावनात्मक राजनीति नहीं।
फिर उन्होंने भ्रष्टाचार पर वार किया। उन्होंने कहा, BMC को लालच और कब्जे से आज़ादी चाहिए। उन्होंने ठाकरे परिवार पर इशारा किया। फिर पूछा, अगर आप आज साथ आए, तो 20 साल पहले अलग क्यों हुए। उन्होंने कहा, स्वार्थ और अहंकार ने दूरी बढ़ाई।
शिंदे ने बालासाहेब ठाकरे का नाम लिया। उन्होंने कहा, असली ताकत कार्यकर्ता बनाते हैं। वही चुनाव जिताते हैं।
उन्होंने रैली को नई शुरुआत बताया। उन्होंने कहा, महायुति BMC में जश्न मनाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया, महायुति ने 29 निकायों में 68 सीटें बिना मुकाबले जीतीं। चुनाव 15 जनवरी को होंगे। अगले दिन गिनती होगी।
अंत में शिंदे ने माहौल बनाया। उन्होंने कहा, लोकसभा, विधानसभा और पहली फेज़ के नतीजे रास्ता दिखाते हैं। उन्होंने कहा, वह सिर्फ ट्रेलर था। पूरी तस्वीर अभी बाकी है।
अब मुकाबला साफ दिखता है। एक तरफ विकास और मराठी नेतृत्व का दावा। दूसरी तरफ पुरानी विरासत और नए वादे। जैसे-जैसे चुनाव करीब आते हैं, मुंबई की लड़ाई और कड़ी हो रही है।