ट्रंप की चेतावनी के बाद वेनेजुएला में जोरदार धमाके

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काराकस, वेनेजुएला – काराकस में शनिवार सुबह 2:00 बजे (0600 GMT) जोरदार धमाके गूंजे। AFP पत्रकारों ने बताया कि यह आवाज़ हवाई जहाज के गुजरने जैसी थी। धमाके शहर में फैलते ही लोग डर गए।

ये घटनाएँ उस समय हुईं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला में ग्राउंड स्ट्राइक की संभावना जताई। ट्रंप ने कैरेबियन में नौसेना टास्क फोर्स तैनात की है।

सोमवार को ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने कथित वेनेजुएला ड्रग बोट्स के लिए बनाए गए डॉकिंग एरिया को तबाह किया। उन्होंने स्पष्ट नहीं किया कि यह सैन्य ऑपरेशन था या CIA का। उन्होंने बस इतना कहा कि हमला “किनारे के पास” हुआ।

अगर पुष्टि हुई तो यह वेनेजुएला में पहला ज्ञात जमीन हमला होगा। धमाकों की आवाज़ 2:15 बजे तक सुनाई दी, लेकिन सटीक स्थान स्पष्ट नहीं था।

राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने हमला न तो स्वीकार किया और न ही खंडन। हालांकि, उन्होंने गुरुवार को कहा कि वे अमेरिकी दबाव के बीच सहयोग के लिए खुले हैं।

ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि मादुरो ड्रग कार्टेल का नेतृत्व करते हैं। अमेरिका का कहना है कि वे ड्रग तस्करी रोकने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं। मादुरो इसका खंडन करते हैं। वे कहते हैं कि अमेरिका उनका तख़्तापलट करना चाहता है। उनका उद्देश्य वेनेजुएला की विशाल तेल संपत्तियों पर कब्ज़ा करना है।

अमेरिका ने काराकस पर दबाव बढ़ाया है। उसने वेनेजुएला का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से बंद किया। नए प्रतिबंध लगाए और तेल से भरे टैंकर जब्त किए।

ट्रंप ने कई हफ्तों से क्षेत्रीय ड्रग कार्टेल पर ग्राउंड स्ट्राइक की धमकी दी। सोमवार का हमला इस दिशा में पहला कदम माना जा रहा है।

सितंबर से अमेरिकी बलों ने कैरेबियन और पूर्वी प्रशांत में कई नावों पर हमले किए। अमेरिका का दावा है कि ये बोट्स ड्रग तस्करों से जुड़ी थीं। हालांकि, कोई सबूत नहीं दिखाया गया। यह कानूनी बहस को बढ़ाता है।

इन हमलों में कम से कम 107 लोग मारे गए। अमेरिकी सैन्य डेटा के अनुसार 30 से अधिक हमले किए गए। आलोचक कहते हैं कि ये हमले क्षेत्र में तनाव बढ़ा सकते हैं। समर्थक कहते हैं कि इससे अवैध तस्करी पर अंकुश लगता है।

काराकस में लोग भयभीत हैं। धमाकों ने सुबह-सुबह उनकी दिनचर्या बाधित कर दी। सोशल मीडिया पर लोग डर और भ्रम साझा कर रहे हैं। आपात सेवाएँ स्थिति पर नजर रख रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया सतर्क है। पड़ोसी देशों ने शांति ब