IPL नीलामी 2026: केकेआर ने कैमरन ग्रीन और पथिराना पर खोला खजाना, पहले दिन दिखी बड़ी रणनीति
आईपीएल नीलामी 2026 की शुरुआत तेज रफ्तार और बड़े दांवों के साथ हुई। अबू धाबी में मंगलवार को मिनी ऑक्शन ने साफ कर दिया कि फ्रेंचाइजियां इस बार साफ रणनीति के साथ उतरी हैं। शुरुआत से ही टीमों ने मैच विनर खिलाड़ियों पर फोकस रखा।
सबसे पहले, साउथ अफ्रीका के अनुभवी बल्लेबाज डेविड मिलर पर बोली लगी। दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें उनके बेस प्राइस दो करोड़ रुपये में खरीदा। इसके बाद ऑक्शन हॉल में हलचल बढ़ी। हालांकि, जेक फ्रेजर-मैकगर्क, देवोन कॉनवे, पृथ्वी शॉ और सरफराज खान को कोई खरीदार नहीं मिला। शॉ और सरफराज का अनसोल्ड रहना दिन का बड़ा सरप्राइज रहा।
इसके बाद ऑक्शन का सबसे बड़ा मोमेंट आया। ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन ने बोली की दिशा बदल दी। केकेआर और राजस्थान रॉयल्स के बीच जबरदस्त मुकाबला दिखा। फिर चेन्नई सुपर किंग्स भी रेस में कूदी। आखिरकार, केकेआर ने 25.20 करोड़ रुपये की बोली लगाकर ग्रीन को अपने नाम किया। इस तरह ग्रीन आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बने।
इसके साथ ही सेट-2 में ऑलराउंडर्स पर नजरें टिकीं। वेंकटेश अय्यर के लिए चार टीमों ने पेडल उठाया। आरसीबी ने केकेआर, गुजरात टाइटंस और लखनऊ सुपर जायंट्स को पछाड़ते हुए अय्यर को सात करोड़ रुपये में खरीदा। पिछले सीजन के मुकाबले यह रकम काफी कम रही, लेकिन आरसीबी ने इसे स्मार्ट डील माना।
इसके बाद गेंदबाजों की बारी आई। केकेआर ने एक बार फिर बड़ा दांव खेला। टीम ने श्रीलंका के तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना को 18 करोड़ रुपये में खरीदा। इस बोली ने साफ कर दिया कि केकेआर डेथ ओवर्स को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाना चाहती है।
विकेटकीपर-बल्लेबाजों में भी दिलचस्प तस्वीर दिखी। केकेआर ने इंग्लैंड के जेमी स्मिथ पर बोली नहीं लगाई। हालांकि, टीम ने न्यूजीलैंड के फिन एलन को दो करोड़ रुपये में शामिल किया। वहीं, बेन डकेट दिल्ली कैपिटल्स पहुंचे। क्विंटन डिकॉक ने एक बार फिर मुंबई इंडियंस की जर्सी पहनी और वह सिर्फ एक करोड़ रुपये में टीम से जुड़े।
तेज गेंदबाजों में अनरिच नॉर्खिया लखनऊ सुपर जायंट्स गए। वहीं, रवि बिश्नोई को राजस्थान रॉयल्स ने उनके बेस प्राइस पर खरीदा। कई बड़े नाम अब भी अनसोल्ड रहे, जिससे आगे की नीलामी में नई हलचल की उम्मीद बनी हुई है।
अब आगे देखते हैं तो कुल 369 खिलाड़ी नीलामी सूची में हैं। 10 टीमों को 77 स्लॉट भरने हैं। सभी टीमों के पास कुल 237.55 करोड़ रुपये का पर्स बचा है। खासतौर पर केकेआर और सीएसके के पास सबसे ज्यादा पैसे और स्लॉट हैं। इसलिए आगे भी बड़े सौदों की उम्मीद बनी हुई है।
