पहलगाम आतंकी हमले में पाक साजिश बेनकाब, NIA की चार्जशीट में LeT, TRF, तीन आतंकी और दो स्थानीय सहयोगी नामजद

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पहलगाम आतंकी हमले के आठ महीने बाद जांच निर्णायक मोड़ पर पहुंची। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मंगलवार को विशेष NIA अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इस दस्तावेज ने पाकिस्तान की भूमिका को सीधे तौर पर सामने रखा।

सबसे पहले, NIA ने सात आरोपियों को नामजद किया। सूची में पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और द रेजिस्टेंस फ्रंट शामिल हैं। एजेंसी ने दोनों संगठनों को कानूनी इकाई के तौर पर आरोपी बनाया। NIA ने कहा कि इन संगठनों ने हमले की योजना बनाई, संसाधन जुटाए और वारदात को अंजाम दिलाया।

इसके बाद, चार्जशीट ने साजिश की पूरी रूपरेखा रखी। एजेंसी ने पाकिस्तान से निर्देश, स्थानीय नेटवर्क और जमीनी कार्रवाई को जोड़ा। NIA के अनुसार, सबूतों की कड़ी सीमा पार आतंकी ढांचे की ओर इशारा करती है।

इसके साथ ही, चार्जशीट में पाकिस्तानी हैंडलर साजिद जट्ट का नाम आया। जांचकर्ताओं ने उसे प्रमुख समन्वयक बताया। एजेंसी ने कहा कि उसने आतंकियों को दिशा दी और संपर्क बनाए रखा।

इसके अलावा, तीन पाकिस्तानी आतंकियों को भी आरोपी बनाया गया। इनमें फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान और हमजा अफगानी शामिल हैं। सुरक्षा बलों ने इन तीनों को जुलाई में ‘ऑपरेशन महादेव’ के दौरान मार गिराया। यह मुठभेड़ श्रीनगर के पास दाचीगाम के जंगलों में हुई।

आगे बढ़ते हुए, NIA ने सख्त कानूनों का सहारा लिया। एजेंसी ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट 1959 और गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत केस दर्ज किया। एजेंसी ने भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की धाराएं भी जोड़ीं।

इसी क्रम में, जांच स्थानीय सहयोगियों तक पहुंची। NIA ने दो स्थानीय लोगों—परवेज अहमद और बशीर अहमद—को आरोपी बनाया। पुलिस ने दोनों को 22 जून को गिरफ्तार किया था। एजेंसी के अनुसार, इन दोनों ने आतंकियों को पनाह दी और उन्हें मदद पहुंचाई।

NIA ने साफ कहा कि स्थानीय समर्थन ने हमलावरों को छिपने और आगे बढ़ने में मदद की। एजेंसी ने इसे आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया।

घटना की पृष्ठभूमि भी उतनी ही गंभीर रही। 22 अप्रैल 2025 को पाकिस्तानी आतंकियों ने पहलगाम में हमला किया। इस हमले में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए 25 पर्यटकों की मौत हुई। फायरिंग में एक स्थानीय घोड़ेवाले की भी जान गई। यह हमला हाल के वर्षों में पर्यटकों पर सबसे घातक हमलों में शामिल रहा।

हमले के बाद भारत ने सख्त जवाब दिया। 7 मई को भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। इस कार्रवाई में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। सरकार ने इन हमलों को सटीक और सीमित बताया।

इसके जवाब में, पाकिस्तान ने भारतीय सीमा के पास नागरिक इलाकों को निशाना बनाया। दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा। हालांकि, 10 मई को दोनों पक्षों ने संघर्ष विराम किया।

अब, NIA की चार्जशीट इस पूरे घटनाक्रम को कानूनी आधार देती है। एजेंसी ने साजिश, संचालन और सहयोग की परतें खोलीं। अधिकारियों ने कहा कि जांच अभी जारी है।

अंत में, एजेंसियों ने स्पष्ट संदेश दिया। भारत आतंकी नेटवर्क को उजागर करेगा। वह सहयोगियों पर कार्रवाई करेगा। और सीमा पार आतंकवाद को हर स्तर पर चुनौती देगा।


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