दिल्ली MCD उपचुनाव 2025: BJP ने सात सीटें जीती, AAP को तीन; कांग्रेस और AIFB को एक-एक वार्ड

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दिल्ली में बुधवार को MCD उपचुनाव के नतीजों ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी। आयोग ने दोपहर तक गिनती पूरी की और तस्वीर साफ हो गई। BJP ने 12 में से सात सीटें जीत लीं। AAP को तीन सीटें मिलीं। कांग्रेस और AIFB को एक-एक वार्ड मिला। इस नतीजे ने राजधानी की राजनीति में नए संकेत भेजे।

सबसे पहले, वोटिंग 30 नवंबर को हुई थी। कुल 12 वार्ड दांव पर थे। इनमें से नौ पहले BJP के पास थे और तीन AAP के पास। इसलिए मुकाबला दोनों दलों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न था। BJP ने इस आधार पर आक्रामक रणनीति अपनाई। AAP ने स्थानीय मुद्दों पर अपने उम्मीदवारों को आगे रखा। कांग्रेस और AIFB ने भी सीमित संसाधनों में मजबूत दिखने की कोशिश की।

इसके बाद, गिनती सुबह 8 बजे शुरू हुई। राज्य चुनाव आयोग ने दस गिनती केंद्र बनाए। कंझावला, पीतमपुरा, भारत नगर, सिविल लाइंस, राउस एवेन्यू, द्वारका, नजफगढ़, गोल मार्केट, पुष्प विहार और मंडावली इनका हिस्सा थे। पुलिस ने पहले से सुरक्षा कड़ी कर रखी थी। 1,800 दिल्ली पुलिस कर्मियों और दस पैरामिलिट्री कंपनियों को तैनात किया गया।

अब नतीजों पर नज़र डालते हैं। BJP की अनीता जैन ने शालीमार बाग बी सीट जीती। यह सीट पहले पार्षद रेखा गुप्ता के पास थी। मनिषा देवी ने द्वारका बी जीता। सरला चौधरी विनोद नगर में आगे रहीं। इसी तरह वीणा असीजा, अंजुम मंडल, रेखा रानी और सुमन कुमार गुप्ता ने अपनी-अपनी सीटें जीतीं। BJP ने अपने पुराने किलों को बरकरार रखा और कुछ में अंतर भी बढ़ाया।

AAP को तीन वार्ड मिले। राम स्वरूप कन्नौजिया ने दक्षिणपुरी में जीत दर्ज की। अनिल ने मुंडका वार्ड पर कब्जा किया। राजन अरोड़ा ने नरैना को अपने पक्ष में लिया। AAP ने इन इलाकों में संगठन की पकड़ दिखाई, हालांकि पार्टी कुल मिलाकर पिछली स्थिति नहीं लौटा सकी।

कांग्रेस के सुरेश चौधरी ने संगम विहार में जीत हासिल की। यह सीट पार्टी के लिए मनोबल बढ़ाने वाला नतीजा माना जा रहा है। AIFB के मोहम्मद इमरान ने चांदनी महल वार्ड में जीत दर्ज की और एक नया राजनीतिक संदेश दिया।

इसके साथ ही, मतदान प्रतिशत एक अहम संकेत लेकर आया। उपचुनाव में 38.51% मतदान हुआ। यह संख्या 2022 के MCD चुनाव में दर्ज 50.47% से कम है। कम मतदान ने कई वार्डों में मुकाबले को अनिश्चित बनाया और जीत का अंतर घटाया।

अंत में, इस उपचुनाव ने दिल्ली की राजनीति को अगले साल की तैयारी का आधार दिया। BJP ने मनोबल बढ़ाया। AAP ने कुछ इलाकों में पकड़ बनाए रखी। कांग्रेस और छोटे दलों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अब सभी दल 2025 के बड़े राजनीतिक कैलेंडर की तरफ देख रहे हैं।


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