पृष्ठभूमि
तनाव ने तब जोर पकड़ा जब जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने ताइवान पर बयान दिया। उन्होंने संसद में कहा कि ताइवान स्ट्रेट में किसी भी तरह का हमला “सर्वाइवल-थ्रेटनिंग सिचुएशन” बन सकता है। इसके बाद जापान सैन्य तैनाती को मंजूरी दे सकता है। चीन ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। बीजिंग ने ताकाइची से बयान वापस लेने की मांग की और आरोप लगाया कि जापान उसके आंतरिक मामलों में दखल दे रहा है।
हालाँकि, ताकाइची ने बयान वापस नहीं लिया। इसके बाद चीन ने कई सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द किए, यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की और जापान में पढ़ाई की योजना बना रहे छात्रों को भी चेतावनी दी।
सरकारी कंपनियाँ कर्मचारियों को रोक रही हैं
रिपोर्ट के अनुसार, वुहान की एक सरकारी कंपनी में काम करने वाले इंजीनियर को मंगलवार को प्रशासनिक कार्यालय से फोन आया। कंपनी ने उसे ओसाका जाने की उसकी नवंबर यात्रा रद्द करने को कहा। चीन में सरकारी कर्मचारियों को विदेश यात्रा के लिए कंपनी की मंजूरी जरूरी होती है, इसलिए उसे तुरंत निर्देश का पालन करना पड़ा।
चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडनोट पर कई उपयोगकर्ताओं ने लिखा कि सरकारी नियोक्ताओं ने उन्हें जापान यात्राएँ रोकने को कहा है।
पर्यटन उद्योग पर असर
क्योडो न्यूज ने बताया कि कई बड़ी चीनी ट्रैवल एजेंसियों ने जापान के टूर पैकेज बेचना बंद कर दिया है। सात चीनी एयरलाइंस ने भी साल के अंत तक जापान जाने वाली फ्लाइट्स पर पूरे पैसे वापस करने की घोषणा की है।
स्वतंत्र विश्लेषक ली हानमिंग के अनुसार, सोमवार तक जापान की उड़ानों की लगभग 4.91 लाख बुकिंग रद्द हो चुकी थीं। यह कुल बुकिंग का करीब 32% हिस्सा है।
2025 के पहले आठ महीनों में 6.7 मिलियन से अधिक चीनी पर्यटक जापान गए थे। यह पिछले साल की तुलना में बड़ी बढ़ोतरी थी। अब इस तेजी को बड़ा झटका लग रहा है।
पॉप कल्चर को लेकर चिंता
तनाव बढ़ने के साथ ही चीन के युवा यह डर महसूस कर रहे हैं कि वे जापानी पॉप कल्चर से दूर हो सकते हैं। “सेल्स एट वर्क!” नाम की जापानी फिल्म की रिलीज़ इस सप्ताह टल गई।
“क्रेयॉन शिनचैन: सुपर हॉट! द स्पाइसी कासुकाबे डांसर्स” की रिलीज भी आगे बढ़ गई।
इसके अलावा, कई उपयोगकर्ताओं ने चिंता जताई कि “डेमन स्लेयर: इंफिनिटी कैसल” जैसी सुपरहिट फिल्म भी चीन के सिनेमाघरों से हट सकती है।
चीन और जापान के रिश्ते लगातार बिगड़ रहे हैं। दोनों देशों ने अब तक नरमी का संकेत नहीं दिया। वहीं, सरकारी आदेश, यात्रा रोकने की एडवाइजरी और पॉप कल्चर पर असर यह दिखाता है कि कूटनीतिक तनाव अब आम लोगों की जिंदगी को भी प्रभावित कर रहा है।