लाल क़िला धमाका केस: उमर नबी के मोबाइल से मिला ‘मर्टिरडम ऑपरेशन’ वीडियो

0
1st

दिल्ली – लाल क़िला धमाके की जांच तेज़ हो गई है। दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियाँ लगातार नए तथ्य जोड़ रही हैं। जांचकर्ताओं ने कहा कि डॉक्टर उमर नबी ने खुद अपना वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें वह आत्मघाती हमले को “मर्टिरडम ऑपरेशन” कहता है। जांचकर्ताओं ने यह वीडियो उसी मोबाइल फोन से निकाला, जिसे उमर ने अपने छोटे भाई को फेंकने के लिए दिया था।

जांच बुधवार रात नए मोड़ पर पहुँची, जब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उमर के छोटे भाई को पुलवामा से उठाया। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि उमर ने उसे फोन दिया और उसे रास्ते से हटाने के लिए कहा। इसके बाद जांच टीम तुरंत हरकत में आ गई। भाई पुलिस को उस नाले तक ले गया, जहाँ उसने फोन फेंका था। कई कोशिशों के बाद टीम ने फोन निकाल लिया।

इसके बाद पुलिस ने फोन को डाटा एक्सट्रैक्शन के लिए भेजा। तकनीकी टीम ने चार वीडियो निकाले। इनमें वह वीडियो भी शामिल था, जो अब सार्वजनिक है। पुलिस ने यह सामग्री एनआईए और एसआईए को सौंप दी। अधिकारी कहते हैं कि यह डाटा उमर की सोच और नेटवर्क को समझने में अहम भूमिका निभाएगा।

इसी दौरान, जांचकर्ताओं ने उमर के साथियों से भी पूछताछ की। उनके अनुसार, यह मॉड्यूल बेहद छोटा था, लेकिन उमर सबसे ज़्यादा उग्र विचार रखता था। वह अक्सर आत्मघाती हमले की बात करता था और इसे धार्मिक कर्तव्य बताता था। इससे पता चलता है कि मॉड्यूल में उसकी भूमिका कितनी प्रभावशाली थी।

मॉड्यूल के तीन अन्य सदस्य भी डॉक्टर हैं। इनमें अल फ़लाह यूनिवर्सिटी से डॉक्टर मुज़म्मिल अहमद गनई, सहारनपुर के निजी अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टर अदील मजीद राथर और लखनऊ के डॉक्टर शाहींन शाहिद अंसारी शामिल हैं। तीनों ने पूछताछ में कहा कि उन्होंने किसी लक्ष्य या तारीख को तय नहीं किया। उन्होंने यह भी बताया कि मॉड्यूल के उजागर होते ही उमर ने जल्दबाज़ी में कदम उठाया और फरार हो गया।

जांच अब कई राज्यों में फैल गई है। दिल्ली पुलिस, जेके पुलिस और केंद्रीय एजेंसियाँ लगातार डिजिटल सबूत जुटा रही हैं। वे फोन की लोकेशन, कॉल डिटेल और सोशल कॉन्टैक्ट ट्रेस कर रही हैं। साथ ही, वे उमर की शैक्षणिक और पेशेवर सर्किल की पड़ताल कर रही हैं, ताकि किसी संभावित लिंक की पहचान की जा सके।

सुरक्षा एजेंसियाँ दिल्ली में चौकसी बढ़ा चुकी हैं। वे धमाके वाली रात के हर तकनीकी और फिजिकल संकेत की जांच कर रही हैं। सभी एजेंसियाँ इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि उमर का फोन मिलना जांच में सबसे बड़ा ब्रेकथ्रू है।

अब एजेंसियों का लक्ष्य मॉड्यूल की पूरी रूपरेखा समझना, सभी मददगारों की पहचान करना और किसी भी संभावित खतरे को रोकना है। जांच जारी है और अधिकारी कहते हैं कि हर नई जानकारी उन्हें सच के और करीब ले जा रही है।

 


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *