नौगाम धमाका: नौ की मौत, जांच तेज; अफवाहों से दूर रहने की अपील

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श्रीनगर — नौगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार रात जोरदार धमाका हुआ। धमाके ने पूरे इलाके को हिला दिया। हालांकि पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और लोगों से अफवाहों से दूर रहने को कहा। डीजीपी नलिन प्रभात ने शनिवार सुबह मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि टीम हर पहलू की जांच कर रही है और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अफवाहें जांच को प्रभावित करती हैं और माहौल खराब करती हैं।

धमाके ने पुलिस स्टेशन की इमारत को बुरी तरह तोड़ दिया। मलबा आसपास की इमारतों तक फैल गया। राहत टीमें तुरंत पहुंचीं और घायलों को श्रीनगर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया। घायलों में ज्यादातर पुलिसकर्मी और फोरेंसिक अधिकारी शामिल हैं। वे फैरिडाबाद मामले से जुड़े नमूनों की जांच कर रहे थे तभी धमाका हुआ।

जांच टीम ने नमूनों की पृष्ठभूमि खंगालना शुरू किया। ये नमूने हाल में फैरिडाबाद से जब्त किए गए थे। पुलिस ने इन्हें एक कथित “व्हाइट-कॉलर” आतंकी मॉड्यूल से जुड़े अभियान में पकड़ा था। अब जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि क्या नौगाम धमाका उसी मॉड्यूल से जुड़ा है। वे यह भी जानते हैं कि जांच टीम जिस सामग्री को देख रही थी, उसमें कोई खतरनाक प्रतिक्रिया हुई या किसी ने जानबूझकर छेड़छाड़ की।

इधर, देश पहले ही तनावपूर्ण माहौल से गुजर रहा है। कुछ दिन पहले दिल्ली के लाल किले के पास धमाका हुआ था। उस हादसे में कम से कम दस लोग मारे गए। जांच में पता चला कि कार चलाने वाला व्यक्ति उमार-उन-नबी था। वह पुलवामा का डॉक्टर था। आगे की जांच में पता चला कि उसका फैरिडाबाद मॉड्यूल से भी संपर्क था। उसकी गतिविधियों और कॉल रिकॉर्ड ने एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा किया।

फैरिडाबाद वाले केस ने पिछले हफ्ते ही सुर्खियां बटोरी थीं। पुलिस ने वहां करीब 2,900 किलो अमोनियम नाइट्रेट और कई विस्फोटक सामग्री जब्त की थी। अधिकारियों ने कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार किया और कुछ की गतिविधियों पर निगरानी शुरू की। इन घटनाओं के बाद कई राज्यों में जांच बढ़ गई।

अब नौगाम धमाके के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा और बढ़ा दी गई। शनिवार को अतिरिक्त बल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेरकर वैज्ञानिक टीमों को सैंपल इकट्ठा करने दिया। डीजीपी नलिन प्रभात और सीआरपीएफ के आईजी पवन कुमार शर्मा ने घटना स्थल का दौरा किया। उन्होंने नुकसान का जायजा लिया और अधिकारियों से ब्रीफिंग ली।

अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी है। डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। अधिकारी पीड़ितों की पहचान कर रहे हैं और उनके परिजनों को सूचना दे रहे हैं। पुलिस टीमें आसपास के सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और घटनास्थल के नमूने खंगाल रही हैं। वे यह समझना चाहते हैं कि कहीं कोई बड़ा नेटवर्क फिर सक्रिय तो नहीं है।

फिलहाल पुलिस तथ्यों पर ध्यान दे रही है। वह लोगों से अपील कर रही है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। जांच टीम जल्द ही शुरुआती रिपोर्ट साझा कर सकती है।


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