उधर, नई दिल्ली भी बिहार पर नज़र रखे हुए थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर वाले रथ और नीतीश कुमार की तारीफ वाले पोस्टर राजधानी की गलियों में दिखाई देने लगे। शुरुआती रुझानों ने एनडीए खेमे में उत्साह बढ़ाया। विशेषज्ञों ने माना कि कुछ ही घंटों में एनडीए की बढ़त तेज़ी से बढ़ी।
अब बात करते हैं जेडीयू की। नीतीश कुमार की पार्टी ने 2025 के विधानसभा चुनाव में मजबूत वापसी की। दोपहर 1 बजे के रुझानों में जेडीयू 101 में से 79 सीटों पर आगे थी। भाजपा 90 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी। यदि रुझान इसी तरह बने रहे, तो एनडीए बिहार में अगली सरकार बना लेगा और नीतीश कुमार एक बार फिर मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेंगे। वह राज्य के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले मुख्यमंत्री हैं, और यह बढ़त उनके प्रभाव को फिर साबित करती दिखी।
पटना में मुख्यमंत्री आवास के पास नया बड़ा पोस्टर लगाया गया, जिस पर लिखा था— “बिहार का मतलब नीतीश कुमार।” इसके बाद जेडीयू और भाजपा दोनों के समर्थक पटाखे फोड़ते और मिठाइयाँ बांटते नज़र आए। कई कार्यकर्ता नीतीश कुमार के पोस्टर को मिठाई चढ़ाते हुए भी दिखाई दिए।
जेडीयू नेता छोटू सिंह ने कहा कि बिहार ने विकास को वोट दिया। उन्होंने कहा कि लोग नीतीश कुमार पर भरोसा करते हैं और यह जीत उसी भरोसे का नतीजा है। उन्होंने जोड़ा कि जेडीयू कार्यकर्ता आज होली और दिवाली दोनों मनाएंगे। कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे लिए ढोल की थाप पर नाचते रहे। एक पोस्टर पर लिखा था— “2025 के भी नायक होंगे नीतीश।”
पार्टी कार्यालय के बाहर एक अन्य जेडीयू नेता शंख बजाते दिखाई दिए, जिससे माहौल और अधिक उत्सवपूर्ण हो गया। लोग उनके आसपास इकट्ठा होकर नारे लगाते रहे।
इस बीच, जेडीयू नेताओं ने कहा कि बिहार के लोगों ने फिर से सुशासन के लिए वोट दिया है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने विकास कार्यों पर भरोसा जताया है और यह भरोसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की संयुक्त नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।
हालाँकि उत्साह बढ़ रहा है, अधिकारी अभी भी सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। गिनती जारी है और शाम तक तस्वीर पूरी तरह साफ होगी। फिर भी, पटना से लेकर ग्रामीण इलाकों तक एनडीए की बढ़त ने माहौल को जश्न में बदल दिया है। अगले कुछ घंटे तय करेंगे कि यह बढ़त बिहार की नई सरकार में कैसे बदलती है।