सुबह 14 नवंबर को नतीजे घोषित होने से पहले उन्होंने प्रशासन को साफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर कोई अधिकारी “किसी के आदेश पर काम करेगा”, तो जनता “उसे जवाब देगी”। उन्होंने दावा किया कि उन्हें “संभावित गड़बड़ी” की सूचना मिली है और कुछ लोग गिनती को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हमारे कार्यकर्ता सभी काउंटिंग सेंटर्स पर मौजूद हैं। अगर प्रशासन 2020 वाली गलती दोहराएगा, कोई अपनी सीमा पार करेगा, या कोई अधिकारी किसी के इशारे पर गलत कदम उठाएगा, तो जनता उसे संभाल लेगी।” तेजस्वी ने इशारा किया कि 2020 के चुनाव में भी “गलतियां” हुई थीं।
तेजस्वी ने भाजपा पर भी आरोप लगाया कि कुछ नेता, मीडिया और अधिकारी मिलकर एनडीए की जीत का माहौल बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि कुछ अधिकारी गिनती की प्रक्रिया धीमी करने का प्रयास कर सकते हैं और पहले एनडीए की सीटें घोषित कर सकते हैं, जबकि महागठबंधन की सीटों पर फैसला रोक सकते हैं।
उन्होंने कहा कि वो किसी भी “असंवैधानिक गतिविधि” से निपटने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, “बिहार की जनता, जो लोकतंत्र की जननी है, पूरी तरह सतर्क है। समाज और राजनीति के सभी लोग संविधान और न्याय के लिए तैयार खड़े हैं।”
तेजस्वी ने ऑनलाइन बैठक में पार्टी उम्मीदवारों और जिला पदाधिकारियों से गिनती प्रक्रिया से जुड़े दिशा-निर्देशों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सभी को चौकन्ना रहने को कहा।
14 नवंबर की सुबह 10 बजे आए रुझानों में तेजस्वी राघोपुर से आगे चल रहे थे, लेकिन महागठबंधन सत्ता से दूर दिख रहा था।
तेजस्वी का यह आक्रामक बयान नतीजों से पहले राजनीतिक तापमान बढ़ा गया। बिहार आज फैसला करेगा कि सत्ता किसके हाथ में जाएगी और 2025 की राजनीतिक दिशा क्या बनेगी।