फरीदाबाद से दिल्ली तक फैला आतंकी मॉड्यूल, डॉक्टर मुजम्मिल की गिरफ्तारी पर परिवार ने तोड़ी चुप्पी
फरीदाबाद/दिल्ली – दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके और फरीदाबाद से मिली बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। इस घटनाक्रम में सोमवार को गिरफ्तार कश्मीरी डॉक्टर मुजम्मिल शकील के परिवार ने मंगलवार को अपनी चुप्पी तोड़ी। उसकी मां नसीमा ने मीडिया से बात करते हुए बेटे की रिहाई की मांग की और कहा कि उन्हें उसके किसी भी काम की जानकारी नहीं थी।
पृष्ठभूमि: फरीदाबाद से उठा सुराग
फरीदाबाद पुलिस ने सोमवार सुबह धौज गांव के एक किराए के घर से 360 किलो विस्फोटक और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया। यह घर डॉक्टर मुजम्मिल शकील के नाम पर किराए पर लिया गया था। पुलिस ने बताया कि मुजम्मिल ने तीन महीने पहले यह मकान किराए पर लिया था। प्रारंभिक रिपोर्ट में RDX की बात सामने आई, लेकिन बाद में जांच में पुष्टि हुई कि यह अमोनियम नाइट्रेट था।
इसी के साथ ही पुलिस ने फतेहपुर तगा गांव में भी छापा मारा, जहां से 2,563 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ। इससे यह स्पष्ट हुआ कि मॉड्यूल का नेटवर्क बड़ा और सुनियोजित था।
परिवार का बयान: मां की भावनात्मक अपील
नसीमा ने ANI से बातचीत में कहा, “मुजम्मिल करीब चार साल पहले घर छोड़कर दिल्ली चला गया था। वह डॉक्टर के तौर पर काम कर रहा था। इस दौरान हमारा उससे कोई संपर्क नहीं था। हमें उसकी गिरफ्तारी के बारे में दूसरों से पता चला। हमने मिलने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने नहीं मिलने दिया। मेरा दूसरा बेटा भी गिरफ्तार हो गया है।”
उन्होंने कहा, “लोग कह रहे हैं कि मेरा बेटा दिल्ली ब्लास्ट का संदिग्ध है। मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता। मैं बस चाहती हूं कि दोनों बेटे रिहा हों।”
भाई ने दी सफाई: ‘हम भारतीय हैं, आतंक से कोई संबंध नहीं’
मुजम्मिल के भाई ने PTI से कहा, “वह जून में पिता की सर्जरी के दौरान घर आया था। अब हर कोई कह रहा है कि वह आतंकी है, जबकि हमारा परिवार किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं रहा। 50 साल में हमारे खिलाफ एक भी केस दर्ज नहीं हुआ।”
उन्होंने आगे कहा, “हम भारतीय हैं। हमने भारत के लिए पत्थर भी खाए हैं। मुजम्मिल अच्छा इंसान था। अब हमें उससे मिलने नहीं दिया जा रहा। बहन की शादी, जिसमें उसे शामिल होना था, अब रद्द कर दी गई है।”
पुलिस का दावा: विश्वविद्यालय से जुड़ा आरोपी डॉक्टर
फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर सतेंद्र कुमार गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मुजम्मिल शकील अल फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ा रहा था। वह MBBS डिग्री धारक है और उसका नाम कई रिपोर्टों में अलग-अलग तरह से लिखा गया। अपराध शाखा के एसीपी वरुण दहिया ने बताया कि शकील ने आठ महीने पहले फतेहपुर तगा में भी एक मकान किराए पर लिया था।
दिल्ली में धमाका: रेड फोर्ट के पास हिला राजधानी
फरीदाबाद में बरामदगी के कुछ घंटे बाद ही दिल्ली में एक बड़ा धमाका हुआ। लाल किले के पास खड़ी कार में विस्फोट से आठ लोगों की मौत हो गई और 20 घायल हुए। जांच में पता चला कि कार एक कश्मीरी डॉक्टर की थी, जिसके आतंकी लिंक होने के संकेत मिले।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बताया कि कार चलाने वाला व्यक्ति डॉ. उमर उन नबी था, जो पुलवामा का रहने वाला है। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ कि उमर फरीदाबाद के आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा था। वह अपने दो डॉक्टर दोस्तों — मुजम्मिल शकील और आदिल अहमद — के साथ मिलकर विस्फोटक गतिविधियों की साजिश रच रहा था।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 30 अक्टूबर को शकील को गिरफ्तार किया था, जबकि कुछ दिन पहले डॉ. आदिल अहमद राथर को भी हिरासत में लिया गया था।
सुरक्षा एजेंसियों में मचा हड़कंप
दोनों राज्यों में एक साथ इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद होने से खुफिया एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। जांच टीमें अब फरीदाबाद, दिल्ली और कश्मीर के बीच फैले मॉड्यूल के नेटवर्क की तह तक जाने में जुटी हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अमोनियम नाइट्रेट की बरामदगी यह संकेत देती है कि साजिश लंबे समय से चल रही थी।
अगला कदम: दिल्ली पुलिस और एनआईए की संयुक्त जांच
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और एनआईए अब संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं। एजेंसियां यह पता लगाने में लगी हैं कि धमाके में किस स्तर पर समन्वय किया गया और किन विदेशी संगठनों से संपर्क थे।
सूत्रों के मुताबिक, मुजम्मिल और उमर दोनों पिछले कुछ वर्षों में कई बार कश्मीर और दिल्ली के बीच यात्रा करते रहे। पुलिस ने कई लैपटॉप, मोबाइल और दस्तावेज जब्त किए हैं।
निष्कर्ष: सवालों के घेरे में डॉक्टर और मॉड्यूल
इस पूरी घटना ने एक बार फिर दिखाया कि आतंक का नेटवर्क आम दिखने वाले पेशेवरों के बीच भी पनप सकता है। जहां पुलिस इसे एक बड़ी सफलता मान रही है, वहीं आरोपी डॉक्टर का परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है।
फरीदाबाद से लेकर दिल्ली तक जांच अब तेज हो गई है। एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर 360 किलो विस्फोटक और हजारों किलो अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल कहां और कब होना था।
डॉ. मुजम्मिल शकील की गिरफ्तारी ने कई नए सवाल खड़े किए हैं — क्या यह मॉड्यूल किसी बड़े हमले की तैयारी कर रहा था? क्या इसमें सीमा पार से भी हाथ थे? जवाब अभी जांच के इंतजार में हैं, लेकिन इतना तय है कि फरीदाबाद से निकला यह मामला अब राष्ट्रीय सुरक्षा का बड़ा मुद्दा बन गया है।
