कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश नाकाम, दो आतंकी ढेर
कुपवाड़ा, जम्मू-कश्मीर – उत्तर कश्मीर के कुपवाड़ा ज़िले के केरन सेक्टर में शनिवार तड़के सेना ने घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी। मुठभेड़ में दो आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया। सेना ने बताया कि आतंकियों ने घाटी में घुसने की कोशिश की थी।
सेना और बीएसएफ की संयुक्त टीम ने शुक्रवार शाम ऑपरेशन शुरू किया। एजेंसियों को आतंकियों की घुसपैठ की सटीक सूचना मिली थी। ऑपरेशन के दौरान सैनिकों ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास संदिग्ध हलचल देखी। जवानों ने घुसपैठियों को ललकारा।
आतंकी घिर गए तो उन्होंने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। सेना ने जवाबी कार्रवाई की और इलाके को घेर लिया। मुठभेड़ देर रात तक जारी रही। सुबह होते ही सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन दोबारा शुरू किया। सेना के 15 कोर ने एक्स पर बताया, “07 नवंबर 2025 को केरन सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश की सूचना पर संयुक्त अभियान शुरू हुआ। सतर्क जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और जवाबी कार्रवाई की। आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हुई।”
सेना ने बताया कि दोनों आतंकियों को मार गिराया गया है। इलाके में तलाशी अभियान जारी है ताकि कोई और आतंकी छिपा न रह जाए। सेना ने कहा कि घुसपैठ की कोशिशों में हाल के दिनों में वृद्धि हुई है।
बीएसएफ और सेना का मानना है कि पाकिस्तान की ओर बने लॉन्चपैड पर कई आतंकी घुसपैठ के इंतजार में हैं। हर साल अक्टूबर और नवंबर में घुसपैठ की कोशिशें बढ़ जाती हैं। सर्दियों में बर्फ गिरने से पहाड़ी दर्रे बंद हो जाते हैं, जिससे आतंकियों के लिए घाटी में प्रवेश मुश्किल हो जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि आतंकियों का इरादा घाटी में सक्रिय नेटवर्क से संपर्क कर नई साजिश रचने का था। सेना ने सीमाई चौकियों पर निगरानी बढ़ा दी है। सभी संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।
स्थानीय सूत्रों ने बताया कि केरन सेक्टर के कई गांवों में सेना ने तलाशी अभियान तेज किया है। लोगों को सुरक्षा बलों की कार्रवाई के दौरान इलाके में न जाने की सलाह दी गई है।
कुपवाड़ा जिले में इस साल कई बार घुसपैठ की कोशिशें हुई हैं। अगस्त में भी इसी सेक्टर में तीन आतंकियों को मार गिराया गया था। सेना ने कहा कि नियंत्रण रेखा पर निगरानी मजबूत है और किसी भी घुसपैठ की साजिश को नाकाम किया जाएगा।
इस ताज़ा कार्रवाई से यह साफ है कि सर्दियों से पहले आतंकी समूह घाटी में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सुरक्षाबलों की सतर्कता से उनकी हर योजना नाकाम हो रही है।
