प्रधानमंत्री मोदी ने चार नई वंदे भारत ट्रेनें शुरू कीं, कहा—कनेक्टिविटी से बढ़ता है विकास
वाराणसी, उत्तर प्रदेश – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। ये ट्रेनें बनारस–खजुराहो, लखनऊ–सहारनपुर, फिरोजपुर–दिल्ली और एर्नाकुलम–बेंगलुरु मार्गों पर चलेंगी।
जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के विकास में इन्फ्रास्ट्रक्चर की अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा, “किसी भी शहर का विकास तभी तेज़ी से होता है जब उसे बेहतर कनेक्टिविटी मिलती है। इन्फ्रास्ट्रक्चर केवल पुलों और हाइवे तक सीमित नहीं है, यह शहरों की आत्मा को भी जोड़ता है।”
उन्होंने आगे कहा कि देश के तीर्थस्थल हमारी चेतना को जगाने का माध्यम हैं। मोदी ने कहा, “ये ट्रेनें न सिर्फ़ विरासत शहरों को जोड़ती हैं, बल्कि विकास को भी गति देती हैं। पिछले 11 वर्षों में उत्तर प्रदेश के विकास कार्यों ने अर्थव्यवस्था को मज़बूती दी है। पिछले साल 11 करोड़ श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए और छह करोड़ से अधिक ने रामलला के—इन यात्राओं ने राज्य की अर्थव्यवस्था में हज़ारों करोड़ जोड़े हैं।”
बनारस–खजुराहो वंदे भारत
यह ट्रेन दो सांस्कृतिक केंद्रों के बीच सीधी कनेक्टिविटी देगी। अब यह सफर मात्र 2 घंटे 40 मिनट में पूरा होगा, जबकि पहले विशेष ट्रेनों से ज़्यादा समय लगता था। यह सेवा वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट और खजुराहो जैसे धार्मिक स्थलों को जोड़ेगी। इससे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो तक पहुंच आसान होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
लखनऊ–सहारनपुर वंदे भारत
यह ट्रेन 7 घंटे 45 मिनट में यात्रा पूरी करेगी और एक घंटे का समय बचाएगी। लखनऊ, सीतापुर, बरेली, मुरादाबाद, बिजनौर और सहारनपुर के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। यह सेवा हरिद्वार तक की पहुंच को भी सुगम बनाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश में तेज़ शहरी कनेक्टिविटी मिलेगी।
फिरोजपुर–दिल्ली वंदे भारत
यह ट्रेन दिल्ली और पंजाब के बीच सबसे तेज़ रेल सेवा बनेगी। यह सफर सिर्फ़ 6 घंटे 40 मिनट में पूरा होगा। यह ट्रेन फिरोजपुर, बठिंडा और पटियाला जैसे औद्योगिक और सीमावर्ती शहरों को जोड़ेगी। इससे व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पंजाब की राष्ट्रीय बाज़ारों से एकता मज़बूत होगी।
एर्नाकुलम–बेंगलुरु वंदे भारत
दक्षिण भारत में यह ट्रेन सफर को दो घंटे से ज़्यादा घटाकर 8 घंटे 40 मिनट में पूरा करेगी। यह सेवा केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच आर्थिक और पर्यटन संबंधों को मज़बूत करेगी। आईटी और व्यावसायिक केंद्रों के पेशेवरों, छात्रों और पर्यटकों को इससे तेज़ और आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा।
मोदी ने कहा, “वंदे भारत सिर्फ़ ट्रेन नहीं, आत्मनिर्भर भारत की गति है। यह लोगों को जोड़ती है और अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देती है।”
सरकार अगले चरण में और शहरों को वंदे भारत नेटवर्क से जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि नई ट्रेनों में अत्याधुनिक तकनीक, बेहतर सुरक्षा और आरामदायक सफर की सुविधा होगी।
