पहले चरण में बिहार की वोटिंग शुरू, तेजस्वी-सम्राट चौधरी सहित दिग्गज मैदान में
पटना – बिहार में गुरुवार सुबह पहले चरण के विधानसभा चुनाव के लिए मतदान शुरू हुआ। 18 जिलों की 121 सीटों पर वोटिंग सुबह 7 बजे से जारी है। इस चरण में 3.7 करोड़ से अधिक मतदाता 1,314 उम्मीदवारों की किस्मत तय कर रहे हैं। गर्मजोशी और सुरक्षा के बीच चल रहे इस मतदान में कई हाई-प्रोफाइल मुकाबले हो रहे हैं, जो राज्य की सियासी दिशा तय कर सकते हैं।
सबसे बड़ी नजरें राघोपुर पर टिकी हैं। यहाँ राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव लगातार तीसरी जीत की कोशिश में हैं। यह सीट उनके पिता लालू प्रसाद यादव और मां राबड़ी देवी की सियासी विरासत मानी जाती है। तेजस्वी के सामने भाजपा के सतीश कुमार हैं, जिन्होंने 2010 में राबड़ी देवी को हराया था। साथ ही, जन सुराज पार्टी के चंचल सिंह भी मुकाबले में हैं, जिससे यह सीट त्रिकोणीय हो गई है। राघोपुर की जंग तेजस्वी की लोकप्रियता की असली परीक्षा बनेगी।
वहीं, सम्राट चौधरी 15 साल बाद अपने गृहनगर तरापुर से चुनावी मैदान में हैं। बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी इस बार पार्टी के सबसे बड़े चेहरों में शामिल हैं। उनके सामने RJD के अरुण शाह हैं, जिन्होंने 2021 के उपचुनाव में हार का सामना किया था। सम्राट का राजनीतिक परिवार पुराना और मजबूत है — उनके पिता शकुनी चौधरी छह बार विधायक रहे, जबकि मां पार्वती देवी भी एक बार विधानसभा पहुंचीं। इस सीट पर पिता की विरासत और बेटे की सक्रियता आमने-सामने हैं।
इसके अलावा, भाजपा नेता और मंत्री मंगल पांडेय भी सुर्खियों में हैं। वे पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं और सीवान से उम्मीदवार हैं। 2012 से एमएलसी रहे पांडेय को भाजपा ने इस बार प्रत्यक्ष चुनावी मैदान में उतारा है। उनका मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है क्योंकि पार्टी इस सीट को अपने प्रभाव क्षेत्र में लाना चाहती है।
उधर, लोकगायिका मैथिली ठाकुर ने राजनीति में कदम रखकर सबका ध्यान खींचा है। वे दरभंगा जिले की अलीनगर सीट से भाजपा प्रत्याशी हैं। 25 वर्ष की मैथिली सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हैं और मैथिली भाषा में उनके गीतों ने लाखों श्रोताओं का दिल जीता है। विरोधी उन्हें “बाहरी उम्मीदवार” कह रहे हैं, लेकिन ठाकुर अपनी स्थानीय पहचान और भाषा के सहारे मैदान संभाल रही हैं।
महुा सीट पर मुकाबला और रोचक है। यहां निर्दलीय विधायक और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव मैदान में हैं। उनके सामने RJD के मौजूदा विधायक मुकेश कुमार रौशन, लोजपा के संजय सिंह, और निर्दलीय अशमा परवीन हैं। यह सीट पारिवारिक सियासत के साथ-साथ जनाधार की परीक्षा भी बनेगी।
दिनभर मतदान में जोश दिखा। कई जिलों से उत्साही मतदाताओं की कतारें नजर आईं। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पहले चरण का परिणाम न केवल उम्मीदवारों की किस्मत तय करेगा, बल्कि आने वाले चरणों की रणनीति भी तय करेगा। बिहार की सियासत आज फिर एक नए मोड़ पर खड़ी है।
