बिहार में डिफेंस कॉरिडोर और हर जिले में फैक्ट्री: अमित शाह का विकास वादा

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सीतामढ़ी/शिवहर – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को बिहार के लिए बड़ा विकास रोडमैप पेश किया। उन्होंने कहा कि अगर एनडीए सत्ता में लौटी, तो राज्य में डिफेंस कॉरिडोर बनेगा और हर जिले में फैक्ट्री स्थापित होगी। शाह ने यह घोषणा सीतामढ़ी और शिवहर की चुनावी रैलियों में की।

शाह ने आत्मविश्वास जताया कि 14 नवंबर की दोपहर एक बजे तक आरजेडी-कांग्रेस गठबंधन “पूरी तरह साफ” हो जाएगा। उन्होंने कहा, “बिहार अब विकास के नए युग में कदम रखेगा, जहां उद्योग, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर एक साथ बढ़ेंगे।”

उन्होंने कहा कि चंद्रगुप्त मौर्य से लेकर नरेंद्र मोदी तक गंडक, कोसी और गंगा नदियां बिहार के लिए बाढ़ का संकट बनीं रहीं। “एनडीए सरकार बनी तो हम बाढ़ मुक्त बिहार बनाने के लिए विशेष आयोग बनाएंगे,” शाह ने कहा। उन्होंने जोड़ा कि कोसी नदी के पानी से मिथिलांचल के 50,000 हेक्टेयर क्षेत्र की सिंचाई होगी।

शाह ने बताया कि केंद्र सरकार सीतामढ़ी से अयोध्या तक वंदे भारत ट्रेन शुरू करेगी। यह ट्रेन माता सीता मंदिर के उद्घाटन के दिन चलेगी। शाह ने यहां 850 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सीता मंदिर के भूमिपूजन का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि बिहार के डिफेंस कॉरिडोर में बनने वाले विस्फोटक “भविष्य में पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य अभियानों” में इस्तेमाल होंगे। शाह ने कहा, “पहले आतंकवादियों को बिरयानी परोसी जाती थी, अब मोदी सरकार 10 दिन में आतंकियों को खत्म कर देती है।”

शाह ने मिथिलांचल क्षेत्र को 500 करोड़ रुपये की लागत से “ग्लोबल नॉलेज सेंटर” के रूप में विकसित करने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने 550 करोड़ रुपये की लागत से “राम-जानकी पथ” के निर्माण और 5,000 करोड़ रुपये की लागत से “अयोध्या-सीतामढ़ी रेल लाइन” को दोगुना करने की योजना बताई।

गृह मंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार पटना, दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर हवाईअड्डों को “वैश्विक मानक” के स्तर पर विकसित करेगी। साथ ही, हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खुलेगा।

शाह ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने 10 वर्षों में बिहार को 18.70 लाख करोड़ रुपये की सहायता दी, जबकि आरजेडी-कांग्रेस के शासन में यह राशि केवल 2.80 लाख करोड़ थी।” उन्होंने आरोप लगाया कि “लालू प्रसाद के शासन में घोटालों की भरमार थी,” और दावा किया कि “केवल नीतीश-मोदी की जोड़ी ही विकसित बिहार का सपना पूरा कर सकती है।”

शाह ने अंत में कहा कि राज्य की बंद पड़ी चीनी मिलें ढाई साल में फिर से चालू होंगी। उन्होंने जनता से अपील की, “बिहार को पीछे ले जाने वाली राजनीति नहीं, आगे बढ़ाने वाली सोच चुनें।”

बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, और अमित शाह की यह घोषणाएं एनडीए के “विकसित बिहार” अभियान की दिशा तय करती दिख रही हैं।


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