ट्रंप ने नाइजीरिया पर साधा निशाना, कहा—ईसाईयों पर बढ़ रहे हमले चिंताजनक
वॉशिंगटन – अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को नाइजीरिया को “विशेष चिंता वाला देश” घोषित किया। उन्होंने कहा कि देश में ईसाई धर्म “अस्तित्व के संकट” का सामना कर रहा है।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए नाइजीरिया में मुस्लिम और ईसाई समुदायों के बीच बढ़ती हिंसा पर चिंता जताई। उन्होंने “कट्टर इस्लामिक चरमपंथियों” को ईसाई समुदाय पर हो रहे हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने लिखा, “नाइजीरिया में ईसाई धर्म अस्तित्व के खतरे में है। हजारों ईसाई मारे जा रहे हैं। इसके पीछे कट्टरपंथी इस्लामिक समूह हैं। इसलिए मैं नाइजीरिया को ‘विशेष चिंता वाला देश’ घोषित कर रहा हूं।” ट्रंप ने जोड़ा, “जब किसी धार्मिक समूह की ऐसे हत्या होती है, तो कार्रवाई ज़रूरी है।”
इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस सदस्य राइली मूर और चेयरमैन टॉम कोल से इस मामले की तुरंत जांच कर रिपोर्ट देने को कहा। ट्रंप ने कहा, “अमेरिका ऐसे अत्याचारों पर चुप नहीं बैठेगा। हम विश्वभर में अपने ईसाई समुदाय की रक्षा के लिए तैयार हैं।”
हाल के महीनों में नाइजीरिया में सांप्रदायिक हिंसा तेज हुई है। जून में उग्रवादियों ने एक नाइजीरियाई बिशप के गांव पर हमला किया था। इस हमले में 20 से ज्यादा लोग मारे गए थे। घटना से कुछ दिन पहले बिशप ने अमेरिकी कांग्रेस में गवाही दी थी कि नाइजीरिया में ईसाइयों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
नाइजीरिया लंबे समय से बोको हराम और इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रांत (ISWAP) जैसे आतंकी संगठनों की हिंसा झेल रहा है। ये संगठन चर्चों को जलाते हैं, गांवों को उजाड़ते हैं और ईसाई नागरिकों का अपहरण करते हैं।
ट्रंप के राजदूत-नामित और अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता के प्रमुख मार्क वॉकर ने फॉक्स न्यूज से कहा कि अमेरिका को नाइजीरिया पर दबाव बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा, “अमेरिका को नाइजीरिया से जवाब मांगना होगा और हिंसा रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।”
मानवाधिकार संगठनों ने भी नाइजीरिया की सरकार की आलोचना की है। रिपोर्टों के अनुसार, देश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में ईसाई बस्तियों पर बार-बार हमले हो रहे हैं। सुरक्षा बल समय पर नहीं पहुंचते, जिससे हमलावर आसानी से भाग निकलते हैं।
ट्रंप के बयान ने अमेरिकी राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। उनके समर्थक कहते हैं कि मौजूदा प्रशासन नाइजीरिया की स्थिति को नजरअंदाज कर रहा है। वहीं आलोचक मानते हैं कि ट्रंप धार्मिक तनाव को बढ़ा रहे हैं।
फिर भी, विशेषज्ञ मानते हैं कि नाइजीरिया में जारी हिंसा अफ्रीका की स्थिरता के लिए गंभीर खतरा है। लगातार हो रहे हमले पलायन और गरीबी बढ़ा रहे हैं।
ट्रंप के इस बयान के बाद नाइजीरिया पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, यह देखना बाकी है कि अमेरिका इस मुद्दे पर आगे क्या कदम उठाता है।
