दिल्ली में ‘शीशमहल’ पर तनातनी, मुख्यमंत्री आवास के बाहर आआपा नेताओं का धरना

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मुख्यमंत्री आवास के बाहर आआपा नेताओं का धरना

नई दिल्ली :  दिल्ली में विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद से राष्ट्रीय राजधानी में मुख्यमंत्री आवास का मुद्दा गरमा गया है। भाजपा लगातार पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास पर करोड़ों रुपये खर्च करने को लेकर घेर रही है। भाजपा ने इसे ‘शीश महल’ का नाम दे रखा है ।

उधर आम आदमी पार्टी (आआपा) मुख्यमंत्री आतिशी का बंगला खाली कराने को लेकर भाजपा पर हमलावर हो गई है। इसी क्रम में बुधवार को आआपा सांसद संजय सिंह और दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री के सिविल लाइन स्थित आवास के बाहर धरना दिया। इसके बाद दोनों नेता सात, लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री के सरकारी आवास के पास धरने पर बैठ गए।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री आवासका सरकारी आवास कोरोना काल के दौरान बना था लेकिन इसमें कोई अनियमितता नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों के सरकारी आवास करदाताओं के पैसे से बने हैं। अगर टैक्स की बर्बादी का सवाल उठता है, तो दोनों आवासों पर उठना चाहिए, ना कि केवल मुख्यमंत्री के आवास पर। उन्होंने कहा कि हमें दिल्ली पुलिस रोक रही है। सवाल यह है कि वे क्यों नहीं चाहते कि जनता प्रधानमंत्री का आवास देखे।

धरने पर बैठे संजय सिंह ने कहा कि भाजपा का काम केवल झूठ फैलाना है। दिल्ली के मुख्यमंत्री के सरकारी आवास को लेकर पूरे देश में झूठा प्रचार किया गया है, जिसमें दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री आवास में सोने के टॉयलेट, स्विमिंग पूल, मिनी बार और महंगे झूमर लगे हुए हैं। भाजपा को भारतीय झूठा पार्टी कहता हूं, क्योंकि उनका मुख्य काम झूठ फैलाना है। आज हम सब मिलकर यह देखेंगे कि मुख्यमंत्री के आवास में स्विमिंग पूल, सोने के टॉयलेट और अन्य महंगे सामान कहां हैं।

संजय सिंह ने पुलिस से सवाल किया कि दो लोगों के लिए इतनी पुलिस क्यों है। किस नियम के तहत हमारा रास्ता रोक रहे है। साथ ही संजय सिंह ने कहा कि भाजपा मुख्यमंत्री आवास को खुलवाए और जनता को स्विमिंग पूल, बार, सोने का टॉयलेट दिखाए। संजय सिंह ने कहा, हम आतंकी नहीं फिर हमें क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने आगे कहा, देश के प्रधानमंत्री ने बड़े फैशन डिजाइनर को फेल कर दिया है। वह अपना राज महल भी जनता को दिखाएं।


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