गुजरात की ‘निर्भया’ आखिरकार हार गई जिंदगी की जंग

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वडोदरा :  गुजरात के भरूच जिले के एक औद्योगिक क्षेत्र झघड़िया तहसील में दुष्कर्म पीड़ित 10 वर्षीय ‘निर्भया’ ने एक सप्ताह तक जीवन के लिए संघर्ष करने के बाद सोमवार शाम 6.55 बजे दम तोड़ दिया। उसे गंभीर आंतरिक चोटें आई थीं।

वडोदरा के सर सयाजीराव जनरल अस्पताल (एसएसजीएच) के रेजीडेंट मेडिकल आफिसर (आरएमओ) डॉ. हितेंद्र चौहान ने बताया कि बच्ची को दोपहर करीब दो बजे दिल का दौरा पड़ा। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। उपचार के बाद उसकी हालत स्थिर हो गई लेकिन शाम पांच बजे के बाद उसे फिर से दिल का दौरा पड़ा। उसे तुरंत उपचार दिया गया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। उन्होंने बताया कि बच्ची की हालत गंभीर आंतरिक चोट के चलते संक्रमण फैलने से हुई। इससे उसके अंगों ने काम करना बंद कर दिया और दिल का दौरा पड़ गया।

 

सूत्रों के अनुसार बच्ची का पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है। झघड़िया तहसील पुलिस की टीम पोस्टमार्टम रूम पहुंची है। पैनल और फॉरेंसिक पोस्टमॉर्टम के बाद पीड़ित का शव परिवार को सौंप दिया जाएगा।

 

झारखंड की मंत्री दीपिका सिंह ने कहा कि हम लड़की को झारखंड लाना चाहते हैं क्योंकि उसका गांव है लेकिन परिवार जैसा चाहेगा हम वैसा ही करेंगे। ऐसे में यहां के अधिकारी गुजरात सरकार के स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन किसी से बात नहीं हो सकी लेकिन हमारी कोशिशें जारी हैं और हम परिवार के संपर्क में हैं।

 

उल्लेखनीय है कि भरूच जिले के झगड़िया जीआईडीसी में यह घटना 16 दिसंबर को हुई थी। बच्ची के माता-पिता किसी काम से घर से बाहर गए थे। इसी बीच बच्ची को अकेला पाकर आरोपित ने उसका अपहरण कर लिया। बाद में उसे एक सुनसान जगह पर ले जाकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने मामले में आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित बच्ची का परिवार झारखंड के मूल निवासी हैं।


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