वीएस पठानिया बने भारतीय तटरक्षक बल के 24वें प्रमुख, कार्यभार संभाला
राष्ट्रपति पदक, तटरक्षक पदक तथा तट रक्षक प्रशस्ति पत्र से किया जा चुका है सम्मानित
– यूएस कोस्ट गार्ड के साथ खोज और बचाव तथा बंदरगाह संचालन में विशेषज्ञता हासिल की
नई दिल्ली, 01 जनवरी (हि.स.)। महानिदेशक वीएस पठानिया को भारतीय तटरक्षक बल का 24वां प्रमुख नियुक्त किया गया है। उन्होंने शुक्रवार को कोस्ट गार्ड चीफ के रूप में पदभार भी ग्रहण कर लिया है। उन्होंने यूएस कोस्ट गार्ड के साथ खोज एवं बचाव तथा बंदरगाह संचालन में विशेषज्ञता हासिल की है।
फ्लैग ऑफिसर पठानिया वेलिंगटन के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नई दिल्ली के नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। वह एक योग्य हेलीकॉप्टर पायलट हैं और मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा एवं सामरिक अध्ययन में परास्नातक डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने यूएस कोस्ट गार्ड के साथ खोज एवं बचाव तथा बंदरगाह संचालन में विशेषज्ञता हासिल की है। उन्हें विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति का तटरक्षक पदक, वीरता के लिए तटरक्षक पदक तथा महानिदेशक भारतीय तट रक्षक प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया गया है।
अपने 36 वर्षों से अधिक समय के शानदार करियर में उन्होंने कई प्रमुख पदों पर कार्य किया है, जिनमें से गांधी नगर में कमांडर तटरक्षक क्षेत्र (उत्तर पश्चिम), मुंबई में कमांडर तटरक्षक क्षेत्र (पश्चिम), उप महानिदेशक (एचआरडी) तटरक्षक मुख्यालय तथा नई दिल्ली में उप महानिदेशक (नीति और योजनाएं) प्रमुख हैं। फ्लैग ऑफिसर पठानिया ने तटरक्षक जहाजों के सभी वर्गों अर्थात् तटवर्ती गश्ती पोत ”रानीजिंदन”, अपतटीय गश्ती जहाज ”विग्रह” और उन्नत अपतटीय गश्ती पोत ”सारंग” की कमान संभाली है।
पठानिया ने नई दिल्ली में तटरक्षक मुख्यालय के प्रधान निदेशक (एचआरडी), तटरक्षक मुख्यालय नई दिल्ली में प्रधान निदेशक (नीति एवं योजना), तटरक्षक क्षेत्र (उत्तर पश्चिम) मुख्यालय में चीफ ऑफ स्टाफ, मुख्य कर्मचारी अधिकारी (संचालन), मुख्यालय तटरक्षक क्षेत्र (पश्चिम) में मुख्य कर्मचारी अधिकारी (कार्मिक एवं प्रशासन), चेन्नई में तटरक्षक वायु स्टेशन पर कमांडिंग ऑफिसर, तटरक्षक मुख्यालय में निदेशक (कार्मिक) तथा संयुक्त निदेशक (विमानन) और चेन्नई में 848 स्क्वाड्रन के स्क्वाड्रन कमांडर के पदों पर भी कार्य किया है।
नवंबर, 2019 में अपर महानिदेशक के पद पर पदोन्नत होने पर उन्होंने विशाखापत्तनम में तटरक्षक कमांडर (पूर्वी समुद्र तट) के रूप में पदभार ग्रहण किया। पूर्वी समुद्र तट पर उनकी शीर्ष निगरानी की अवधि के दौरान प्रमुख अभियानों में वृद्धि देखी गई, जिसमें हजारों करोड़ के सोने और कई टन दवाओं, मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम, प्रदूषण नियंत्रण अभियान, विदेशी तट रक्षक बलों के साथ संयुक्त अभ्यास, अवैध शिकार विरोधी अभियान और चक्रवातों/प्राकृतिक आपदाओं के दौरान मानवीय सहायता तथा मजबूत तटीय सुरक्षा जैसे सामूहिक बचाव अभियान शामिल थे।
