जेल में प्रशासन का छापा, सरकार की सख्ती के बाद प्रशासन रेस

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रांची, 30 जनवरी। झारखंड की राजधानी रांची के वीआईपी क्षेत्र में 3 दिन पूर्व हुई गोलीबारी के बाद प्रशासन रेस है। गैंगवार की इस घटना में एक अपराधी कालू लामा मारा गया था और उसके दो सहयोगी जख्मी हो गए थे। प्रशासन अभी इस मामले में बहुत कुछ नहीं कर पाया है।

इस गैंगवार की घटना ने राज सरकार की काफी फजीहत कराई है राजधानी में विधि व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। अपराधियों को पकड़ने के बजाय प्रशासन ने मोरहाबादी मैदान में लगने वाली फुटपाथ दुकानों को हटवा दिया है। दुकानदार इसका भी विरोध कर रहे हैं। प्रशासन अपनी गलती छुपाने के लिए घटना के पीछे कुछ और कारण गढ़ने लगा है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी इस तरह की घटना से चिंतित दिखे हैं। उन्होंने मुख्य सचिव सुखदेव सिंह और डीजीपी नीरज सिन्हा को कड़े कदम उठाने का निर्देश दिया है। उसके बाद से राज्य में प्रशासन आपराधिक गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में राज्य की विभिन्न जेलों में छापेमारी की गई है। रांची के होटवार स्थित सेंट्रल जेल में डीसी छवि रंजन और एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा के नेतृत्व में छापेमारी की गई। सूत्र बताते हैं कि कैदियों के वार्ड से कुछ अवांछित सामग्री मिली है। धनबाद मंडल कारा में भी कुछ आपत्तिजनक सामान मिले हैं। पलामू और अन्य जगहों पर भी छापेमारी की गई है।

सीमा सिन्हा, ब्यूरो प्रमुख


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