आईआईटी बांबे को छात्र को 48 घंटे के अंदर दाखिला देने का निर्देश

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नई दिल्ली, 22 नवंबर (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट एक गरीब प्रतिभावान छात्र की मदद को आगे आया है। जेईई मेरिट लिस्ट के मुताबिक आईआईटी बांबे में सीट मिलने के बावजूद दाखिले के लिए फीस नहीं जुटा पाने की वजह से छात्र प्रिंस सिंह जयवीर को दाखिला नहीं मिल सका था। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने आईआईटी बांबे को छात्र को 48 घंटे के अंदर दाखिला देने का निर्देश दिया था।

प्रिंस को जेईई की प्रवेश परीक्षा में अच्छे अंक मिले थे। उसे आईआईटी बांबे में सीट मिलनी थी। लेकिन प्रवेश के लिए वो समय पर फीस का प्रबंध नहीं कर पाया। आखिरी मौके पर उसने किसी रिश्तेदार के क्रेडिट कार्ड से भुगतान की कोशिश की लेकिन किसी तकनीकी समस्या की वजह से भुगतान असफल रहा। इसकी वजह से उसे आईआईटी में दाखिला नहीं मिल पाया।

कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए ज्वायंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी को नोटिस जारी किया था। अथॉरिटी ने कहा था आईआईटी बांबे समेत किसी भी आईआईटी में अब सीट उपलब्ध नहीं है, इसलिए प्रिंस को दाखिला नहीं दिया जा सकता है। इस पर जज नाराज हो गए। कोर्ट ने कहा कि ये स्वीकार नहीं किया जा सकता कि एक गरीब प्रतिभाशाली छात्र को पढ़ने से रोक दिया जाए। आपको मानवीय रवैया अपनाना चाहिए। क्या पता दस साल बाद ये छात्र देश के लिए कोई बड़ी जिम्मेदारी निभाए या नेता बन जाए। जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को सोचना चाहिए कि छात्र एक दलित परिवार से है और उसे सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने में कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ा होगा।


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