भारतीय नौसेना ने सिंगापुर और थाईलैंड के साथ किया समुद्री अभ्यास ‘सिटमेक्स’

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तीनों नौसेनाएं कई युद्धाभ्यास, सरफेस वारफेयर और सामरिक अभ्यासों में शामिल होंगी

 समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के मद्देनजर नौसेनाओं में सहयोग बढ़ाएगा त्रिपक्षीय समुद्री अभ्यास



नई दिल्ली, 16 नवम्बर (हि.स.)। अंडमान सागर में भारत, सिंगापुर और थाईलैंड के बीच त्रिपक्षीय समुद्री अभ्यास सिटमेक्स-21 का दो दिवसीय तीसरा संस्करण सोमवार से शुरू हुआ। इसमें भारतीय नौसेना का स्वदेश निर्मित मिसाइल कार्वेट आईएनएस कर्मुक भी भाग ले रहा है। रिपब्लिक ऑफ सिंगापुर नेवी (आरएसएस) का प्रतिनिधित्व फॉर्मिडेबल क्लास फ्रिगेटआरएसएस टीनाशियस और रॉयल थाई नेवी (आरटीएन) का हिज मैजेस्टी थाईलैंड शिप (एचटीएमएस) थायनचोन कर रहा है, जो खामरोसिन क्लास एंटी-सबमरीन पैट्रोल क्राफ्ट है।

भारतीय नौसेना, रिपब्लिक ऑफ सिंगापुर नेवी और रॉयल थाई नेवी के बीच आपसी अंतर-संचालन को बढ़ाने और सर्वोत्तम प्रथाओं को आत्मसात करने के उद्देश्य से समुद्री अभ्यास ‘सिटमेक्स’2019 से प्रतिवर्ष आयोजित किया जा रहा है। सिटमेक्स के पहले संस्करण की मेजबानी सितंबर, 2019 में पोर्ट ब्लेयर में भारतीय नौसेना ने की थी। रिपब्लिक ऑफ सिंगापुर नेवी ने नवंबर, 2020 में अभ्यास के दूसरे संस्करण की मेजबानी की। अंडमान सागर में चल रहे अभ्यास के 2021 संस्करण की मेजबानी रॉयल थाई नेवी कर रही है।

यह अभ्यास कोरोना प्रतिबंधों के मद्देनजर ‘नॉन कॉन्टैक्ट, केवल समुद्र में’ अभ्यास के रूप में आयोजित किया जा रहा है। इसमें तीन मित्र नौसेनाओं के बीच समुद्री क्षेत्र में बढ़ते तालमेल, समन्वय और सहयोग पर प्रकाश डाला गया है। दो दिनों के समुद्री अभ्यास के दौरान तीन नौसेनाएं अनेक प्रकार के युद्धाभ्यास और सरफेस वारफेयर समेत विभिन्न सामरिक अभ्यासों में शामिल होंगी। सिटमेक्स-21 मित्रता के लंबे समय से चले आ रहे रिश्ते को मजबूत करेगा और क्षेत्र में समग्र समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के मद्देनजर नौसेनाओं के बीच सहयोग को और बढ़ाएगा।


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