05 सितंबर: इतिहास के पन्नों में

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हीरोइन ऑफ हाईजैकः 05 सितंबर 1986… मुंबई से अमेरिका के लिए 360 मुसाफिरों को लेकर उड़ान भरने वाली फ्लाइट पैन एम 73 को पाकिस्तान के कराची एयरपोर्ट पर चार हथियारबंद अपहरणकर्ताओं ने हाईजैक कर लिया। वरिष्ठ विमान परिचारिका 23 वर्षीया नीरजा भनोट ने फ्लाइट के 19 क्रू मेंबरों को प्लेन के अगवा होने की सूचना दी। प्लेन में सभी के हाथ-पांव फूल गए। तीनों पायलट, को पायलट और फ्लाइट इंजीनियर कॉकपिट छोड़ भाग खड़े हुए।

आतंकी संगठन अबू निदान के चारों आतंकी, फ्लाइट को अगवा कर साइप्रस ले जाना चाहते थे। उनकी मांग थी- जेलों में बंद फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई। वे अमेरिकियों की पहचान कर उन्हें नुकसान पहुंचा रहे थे। प्लेन हाईजैक होने के ठीक बाद प्लेन के गेट पर लाकर एक अमेरिकी नागरिक को गोली मारकर अपने इरादे जाहिर कर दिये थे। अमेरिकी नागरिकों की पहचान के लिए आतंकियों ने नीरजा को सभी मुसाफिरों के पासपोर्ट इकट्ठा करने का आदेश दिया। लेकिन नीरजा ने ऐसे नागरिकों के पासपोर्ट छिपा दिये।

प्लेन हाईजैक हुए 17 घंटे बीत गए। प्लेन के 360 यात्रियों का कलेजा तब मुंह को आ गया जब आतंकियों ने अपनी मांग पूरी करवाने के लिए बंधक यात्रियों की हत्या शुरू कर दी। प्लेन में अंधेरा था। दूर-दूर तक अब किसी के बचने की उम्मीद नहीं थी। ऐसे में नीरजा ने हिम्मत दिखायी और प्लेन का इमरजेंसी गेट खोलकर यात्रियों को वहां से निकलवाना शुरू कर दिया। वे खुद तीन बच्चों को विमान से सुरक्षित निकालने का प्रयास कर रही थीं कि अचानक आतंकियों ने उनपर गोलियों की बौछार कर दी। नीरजा वहीं शहीद हो गयीं।

उनकी बहादुरी के लिए मरणोपरांत उन्हें भारत सरकार की तरफ से शांतिकाल का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया और उनके नाम पर डाक टिकट जारी किया गया। पाकिस्तान सरकार की तरफ से उन्हें तमगा-ए-इंसानियत से नवाजा गया। अमेरिका ने उन्हें जस्टिस फॉर क्राइम अवॉर्ड से सम्मानित किया। पूरी दुनिया में चंडीगढ़ की यह बेटी हीरोइन ऑफ हाईजैक के नाम से मशहूर है। नीरजा भरोट की वीरता पर आधारित फिल्म बनी जिसका नाम है- नीरजा।

अन्य अहम घटनाएंः

1612ः ब्रिटिश सरकार के तहत चार जंगी जहाजों के साथ ईस्ट इंडिया कंपनी के पहले जहाजी बेड़े की स्थापना।

1763ः मीर कासिम ने राजमहल के निकट उदयनाला में ब्रिटिश फौजों के खिलाफ युद्ध में हार स्वीकारी।

1888ः सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन का जन्म। 1962 से इस दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।

1972ः म्यूनिख ओलंपिक के दौरान फिलिस्तीनी समूह ने 11 इजराइली एथलीटों को बंधक बनाकर बाद में उनकी हत्या कर दी।

1991ः नेल्सन मंडेला अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए।


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