डॉ. हर्षवर्धन:नई शिक्षा नीति से देश की शिक्षा गुणवत्ता में होगा बदलाव

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श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के 94वें स्थापना दिवस पर ऑनलाइन किया संबोधित 



नई दिल्ली, 03 फरवरी (हि.स.)। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बुधवार को श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) के छात्रों को संस्थान के 94वें स्थापना दिवस के मौके पर ऑनलाइन संबोधित किया। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि नई शिक्षा नीति निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ियों के लिए देश में शिक्षा सेवाओं की गुणवत्ता में बदलाव लाएगी। वास्तव में शिक्षा के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है क्योंकि शिक्षा सामाजिक पिरामिड में सबसे शीर्ष पर आती है। भारत एक ऐसा देश है जहां के युवाओं में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी पूरा हो सकता है जब हम अपने युवाओं को ‘इनोवेट, पेटेंट, प्रोड्यूस और प्रॉस्पर’ के लिए प्रोत्साहित करें और अपने देश को तेजी से विकास की ओर ले जाएं।
डॉ. हर्षवर्धन ने भारत को महामारी की चपेट से बाहर निकालने में युवाओं की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “कोवि़ड-19 ने कुछ तरीकों से समय की घड़ी को पीछे कर दिया है और इस घातक वायरस ने हमारे विकास को अस्थायी रूप से पटरी से उतार दिया है। इस मुश्किल वक्त में रणनीतिक कौशल से भरे फैसलों, सूझ-बूझ और सामाजिक उद्यमिता की जरूरत है। इसके लिए जनसमूहों को जोड़ने, आक्रामक अभियानों, शक्तिशाली साझेदारों और गहरी प्रतिबद्धताओं की भी आवश्यकता है और सबसे बढ़कर, इसे एक शक्तिशाली सामाजिक प्रतिबद्धता की जरूरत है। वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य क्षेत्र के पेशेवर लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “भारतीय वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों ने एक बेहद बड़ा और कठिन इम्तिहान दिया है। जहां हमारे कोविड योद्धाओं ने सबकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बलिदान दिए हैं, हमारे वैज्ञानिकों ने इस महामारी से बचाने के लिए वैक्सीन विकसित करके एक प्रशंसनीय काम किया है। सरकार 135 करोड़ लोगों को टीका लगाने की चुनौती को पूरा करने के लिए ओवरटाइम काम कर रही है।

 


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