अब सेना प्रमुख नरवणे दक्षिण कोरिया की यात्रा पर

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भारत-कोरिया गणराज्‍य में रक्षा संबंधों को आगे बढ़ाने के तरीकों पर होगी चर्चा  नरवणे ने यात्रा के पहले दिन सियोल में कोरियाई युद्ध के दिग्गजों को श्रद्धांजलि दी



नई दिल्ली, 28 दिसम्बर (हि.स.)। भारत की कूटनीतिक यात्राओं के क्रम में सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे अब दक्षिण कोरिया की तीन दिवसीय यात्रा पर गए हैं। यात्रा के पहले दिन सोमवार को उन्होंने सियोल में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में कोरियाई युद्ध के दिग्गजों को श्रद्धांजलि दी। सेना प्रमुख की यह यात्रा इस मायने में भी ऐतिहासिक है कि पहली बार भारत के सेना प्रमुख दक्षिण कोरिया के दौरे पर गए हैंं। सियोल में भारतीय दूतावास ने एक बयान में कहा कि सेना प्रमुख नरवणे की यह यात्रा दोनों देशों के बीच रणनीतिक और रक्षा सहयोग में वृद्धि का प्रतीक है।
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दक्षिण कोरिया की पहली यात्रा पर गए जनरल मनोज मुकुंद नरवणे 28-30 दिसम्बर तक अपनी तीन दिवसीय यात्रा के दौरान वे कोरिया गणतंत्र के वरिष्ठ सैन्‍य अधिकारियों और शीर्ष नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे। उनका राष्ट्रीय रक्षामंत्री, सेना प्रमुख, ज्‍वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष तथा रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन (डीएपीए) के मंत्री के साथ मुलाकात करने का भी कार्यक्रम है, जहां वे भारत-कोरिया गणराज्‍य रक्षा संबंधों को आगे बढ़ाने के तरीकों के बारे में विचार-विमर्श करेंगे। सेना प्रमुख नरवणे इन्‍जे कंट्री में कोरिया कॉम्बैट ट्रेनिंग सेंटर, गैंगवॉन प्रांत और डेयजोन में एडवांस डिफेंस डेवलपमेंट (एडीडी) का भी दौरा करेंगे। यात्रा के पहले दिन सोमवार को उन्होंने सियोल में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में कोरियाई युद्ध के दिग्गजों को श्रद्धांजलि दी।
जनरल नरवणे बुधवार को दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री सुह वूक, संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष वोन-चूल, रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन के प्रमुख कांग इउन-हो और उनके समकक्ष नाम येओंग-शिन के साथ मुलाकात करेंगे। कोरियाई सेना प्रमुख से मुलाकात के दौरान नरवणे के आपसी हित के मामलों पर चर्चा किए जाने की उम्मीद है। दरअसल दक्षिण कोरिया के अस्तित्व पर भी चीन खतरे के रूप में देखा जा रहा है, इसलिए सेना प्रमुख की इस यात्रा के कई राजनीतिक और कूटनीतिक मतलब निकाले जा रहे हैंं।
इससे पहले जनरल नरवणे छह दिन की खाड़ी देशों की यात्रा पर गए थे। अपनी यात्रा के पहले पड़ाव में सेना प्रमुख 09-10 दिसम्बर को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दौरे पर रहे जहां उन्होंने यूएई के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से मुलाकात करके दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने यूएई के लैंड फोर्सेज एंड स्टाफ के कमांडर मेजर जनरल सालेह मोहम्मद सालेह अल अमेरी से मिलकर आपसी हित और रक्षा सहयोग के मुद्दों पर चर्चा की।
सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने यात्रा के दूसरे पड़ाव में 13-14 दिसम्बर को सऊदी अरब में सैन्य प्रतिष्ठानों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई बैठकें की। सैन्य अधिकारियों के साथ उन्होंने पारस्परिक हित और रक्षा सहयोग के मुद्दों पर चर्चा की। उनकी इस यात्रा से रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है। इससे पहले वह म्यांमार और नेपाल की यात्रा पर भी जा चुके हैं।

 


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