बिहार से बाहर फंसे लोगों को घर पहुंचाने का सीएम नीतीश का निर्णय सराहनीय : आरके सिन्हा

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केंद्रीय गृह मंत्रालय की नई गाइडलाइन से प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों और छात्रों को राहत-आरके सिन्हा ने पूछा, विपक्ष बताये कि प्रवासी मजदूर बाहर गये ही क्यों



पटना, 30 अप्रैल (हि.स.)। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए जारी देशव्यापी लॉकडाउन में प्रवासी मजदूर, विद्यार्थी और पर्यटक देश के कई हिस्सों में फंसे हुए हैं। इसे लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी नई गाइडलाइन से लोगों को राहत मिली है। अब वे अपने-अपने घर जा सकेंगे। प्रसिद्ध समाजसेवी, स्तंभकार व पूर्व राज्यसभा सदस्य आरके सिन्हा ने गृह मंत्रालय की नई गाइडलाइन जारी होने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्णय का स्वागत किया है। साथ ही किसी का नाम लिए बगैर उन्होंने विपक्ष पर कड़ा प्रहार भी किया। उन्होंने सवाल किया कि प्रवासी मजदूरों को लेकर जो आज विपक्ष जो विवाद खड़ा करना चाह रहा है तो पहले उन्हें बताना चाहिए कि प्रवासी मजदूर बिहार से बाहर गये ही क्यों।

गुरुवार को भाजपा के पूर्व सांसद ने कहा कि प्रवासी मजदूरों, छात्रों और पर्यटकों को देश के विभिन्न भागों से बिहार लाने और उनके जिलों में ले जाने के सीएम नीतीश कुमार के फैसले से फंसे हुए लोगों और उनके परिजनों को राहत मिलेगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि यह पहले क्यों नहीं किया, तो उन लोगों को समझना चाहिए कि पहले की स्थिति और आज में काफी अंतर है। पहले इसलिए नहीं किया गया कि पहले देश में संक्रमित व्यक्तियों की संख्या 3 दिनों में दोगुनी हो रही थी लेकिन अब स्थिति में सुधार हुआ है। संक्रमण के दोगुने होने का अंतराल 11 दिनों का हो गया। इसलिए स्थिति पर पहले की अपेक्षा चार गुना बेहतर नियंत्रण है। ऐसी स्थिति में प्रवासियों मजदूरों और छात्रों का घर लौटना पहले की अपेक्षा ज्यादा सुरक्षित होगा और उन पर खतरा कम होगा।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों को भेजी है 6 प्वाइंट्स की गाइडलाइन

केंद्र सरकार ने एक दिन पहले ही लॉकडाउन में अपने-अपने राज्यों से बाहर फंसे विद्यार्थियों, मजदूरों और पर्यटकों को लाने-ले जाने की अनुमति दी है। देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे लोग अब अपने घर जा सकेंगे। इसके लिए राज्य सरकारें बसों का इंतजाम करेंगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इससे संबंधित छह बिन्दु की गाइडलाइन राज्यों को भेजी है। सभी राज्यों में नोडल अथॉरिटी गठित होगी। इसके बाद घर जाने के इच्छुक लोगों का रजिस्ट्रेशन होगा। यात्रा से पहले सभी की मेडिकल जांच होगी। बगैर लक्षण वाले को ही यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी। जिस बस में लोगों को ले जाने की व्यवस्था होगी उसे पूरी तरह से सैनेटाइज किया जाएगा और अंदर भी लोगों को बैठाने में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन कराया जाएगा। घर पहुंचते ही लोगों की जांच होगी। इसके बाद सभी को 14 दिनों का होम क्वारेंटाइन में रहना होगा। इस बीच लोगों को अपने मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु ऐप हमेशा ऑन रखना होगा ताकि उन्हें ट्रेस किया जा सके।

 


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